|
अमरीका में आए इस्लामी सुपरमैन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका में बैटमैन और सुपरमैन वाली कॉमिक्सों का चलन है लेकिन पहली बार वहाँ इस्लामिक पात्रों और सिद्धांतों पर आधारित कॉमिक्स बाज़ार में उतारे गए हैं. इस कॉमिक सिरीज़ का नाम भी अल्लाह के 99 नामों के आधार पर 'द 99' रखा गया है. इसमें कुल 99 पात्र भी हैं. इस कॉमिक्स के पात्रों के नाम हैं- जब्बार, नूरा, सूरा, फ़तह, विदाद, मुमिता और बारी. इस नई कॉमिक्स के पात्र भी स्पाइडरमैन या सुपरमैन की तरह ही दुनिया भर में अच्छाई की जीत और बुराई को मात देने के लिए ही काम करते हैं. ये पात्र भी दूसरी कॉमिक्स के पात्रों की तरह ही बुराई से लड़ने के लिए चमत्कारी शक्तियों से लैस हैं. इसमें एक महिला पात्र का नाम मुमिता है जो मार्शल आर्ट्स की माहिर है और इसका इस्तेमाल वह बुराई से लड़ने के लिए करती है. इसी तरह जब्बार नामक पात्र एक विशालकाय, लंबा, तगड़ा नौजवान है जिसकी बाजुओं की मांसपेशियाँ बॉडी बिल्डर की तरह दिखती हैं. जब्बार भी अपनी ताकत का इस्तेमाल बुराई को ख़त्म करने में करता है. पात्र इसी तरह पुरूष और महिला दोनो पात्रों को इस इस्लामी कॉमिक्स में ताक़तवर दिखाया गया है. इस कॉमिक्स के 99 पात्रों में से किसी को भी किसी ख़ास धर्म का पालन करते नहीं दिखाया गया है. इस कॉमिक्स के निर्माता और लेखक नाएफ़ अल मुतावा का मानना है कि आज की दुनिया में अच्छे चरित्र और प्रतिभा वाले लोगों की सख़्त ज़रूरत है. वह कहते हैं, "अच्छाई वाले गुण जैसे रहम करना, उदारता, विवेक और ताकत जैसे कई गुण सभी समाज या धर्म में पाए जाते हैं. इस कॉमिक्स में भी इन्ही गुणों पर ज़ोर दिया गया है. यही गुण सभी इंसानों को समान दिखाने का बेहतरीन ज़रिया भी हैं." मध्य पूर्व के देशों में नाएफ़ अल मुतावा को बच्चों की किताबों के लेखक के रूप में जाना जाता है और इस सिलसिले में उन्हें संयुक्त राष्ट्र की ओर से सम्मानित भी किया जा चुका है. 'द 99' नाम की इस कॉमिक्स का प्रकाशन कुवैत के तशकील मीडिया ग्रुप ने किया है और इसकी शुरूआत पहले मध्य एशिया के देशों में पिछले साल हुई थी. बिक्री
यह कॉमिक विश्व के कई देशों में पहले ही बिकने लगी है और इसकी अच्छी बिक्री भी हो रही है. अमरीका में 'इस्लामिका' नामक एक मुस्लिम मैगज़ीन के एडिटर फ़िरास अहमद का कहना है कि अब समय आ गया है कि मुस्लिम बच्चे अपने धर्म से संबंधित पात्रों की कॉमिक्स भी पढ़ें. वह कहते हैं, “जब हम बच्चे थे, तब तो जो कॉमिक्स पढ़ते थे उनमें मुस्लिम समुदाय से जुड़े लोगों को बुरा ही दिखाया जाता था और वह ही खलनायक होते थे.” लेकिन इस कॉमिक्स के एक लेखक फ़ाबियान नितसिएज़ा कहते हैं कि यह कॉमिक किसी भी अन्य कॉमिक्स की ही तरह के पात्रों पर आधारित है बस फ़र्क यह है कि इसमें यह पात्र मुसलमान हैं. ईसाई धर्म को मानने वाले फ़ाबियान नितसिएज़ा कहते हैं, “यह कोई मुस्लिम कॉमिक नहीं है. इसमें तो बस इस्लामी पात्र हैं जो विश्व के अलग-अलग देशों के रहने वाले हैं और ये पात्र अलग-अलग तरह के काम करते हैं. वैसे ही जैसे मार्वेल कॉमिक्स में एक्स मेन हैं.” इस कॉमिक्स में कहानी की शुरूआत होती है तेरहवीं सदी के बग़दाद शहर से जहाँ हलाकू खान के फौजियों ने तबाही मचा रखी थी. और सुपर हीरो वाले 99 पात्र इसके बाद ही सामने आ जाते हैं और फिर लड़ाई शुरू होती है बुराई और अच्छाई के बीच. | इससे जुड़ी ख़बरें इस्लाम पर फिल्म बनाने वाले की हत्या 02 नवंबर, 2004 | मनोरंजन एक्सप्रेस पाकिस्तान में अमरीकी पत्रिका ज़ब्त26 नवंबर, 2004 | मनोरंजन एक्सप्रेस इस्लामी देशों के योगदान पर प्रदर्शनी13 मार्च, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस कल्पना चावला के जीवन पर चित्रकथा05 सितंबर, 2005 | मनोरंजन एक्सप्रेस फ़िल्मी पर्दे पर दिखेगा सिम्पसन परिवार01 अप्रैल, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस बैटवूमैन अब आधुनिक और समलैंगिक भी31 मई, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||