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अमरीकी छापे में 30 'चरमपंथियों' की मौत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में अमरीकी सेना का कहना है कि उसने इराक़ी सेना के साथ मिलकर राजधानी बग़दाद में 30 चरमपंथियों को मार दिया है. सेना के मुताबिक इनमें से ज़्यादातर की मौत शिया बहुल सद्र सिटी में मारे गए छापे के बाद हवाई हमले में हुई. इस दौरान 12 लोगों को हिरासत में भी लिया गया. अमरीकी सेना के मुताबिक मारे गए लोग ऐसे नेटवर्क का हिस्सा थे जो ईरान से हथियारों की तस्करी कर रहे थे लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मारे गए लोगों में बच्चे और महिलाएँ भी शामिल हैं. एपी के मुताबिक सद्र सिटी में इराक़ी पुलिस ने कहा है कि अमरीकी हैलीकॉप्टरों की बमबारी के दौरान नौ नागरिक मारे गए जिसमें दो महिलाएँ शामिल हैं. रिपोर्टों के अनुसार इस घटना के बाद सद्र सिटी में सैकड़ों लोग छापे के विरोध में सड़कों पर उतर आए. ये छापा बग़दाद में शुरु होने वाले शियाओं के एक धार्मिक उत्सव से पहले मारा गया है. इस उत्सव में हज़ारों की संख्या में लोग आते हैं. बग़दाद में तीन दिन के लिए वाहन चलाने का कर्फ़्यू लगा दिया गया है और नए नाके बनाए गए हैं. ये हिंसक घटना ऐसे समय हुई है जब इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने ईरान से सुरक्षा के मुद्दे पर बातचीत की है. ईरान में इराक़ी राजदूत मोहम्मद मजीद अल शेख ने कहा है कि इराक़ में सुरक्षा स्थिति बेहतर करने में ईरानी सरकार की बड़ी भूमिका है. अमरीकी अधिकारी आरोप लगाते रहे हैं कि ईरान ने इराक़ी मिलिशिया को समर्थन और बढ़ा दिया है लेकिन ईरान इन आरोपों से इनकार करता रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'बिजली-पानी को लेकर संकट गहराया'07 अगस्त, 2007 | पहला पन्ना 'इराक़ से बड़ी संख्या में हथियार ग़ायब'06 अगस्त, 2007 | पहला पन्ना पाँच और सुन्नी मंत्रियों ने बहिष्कार किया 06 अगस्त, 2007 | पहला पन्ना 'मस्जिद हमले का षड़यंत्रकारी मारा गया'05 अगस्त, 2007 | पहला पन्ना इराक़ी शरणार्थियों को सहायता की गुहार26 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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