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रविवार, 24 जून, 2007 को 04:39 GMT तक के समाचार
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'मैं एक्शन फ़िल्में करते करते थक गया हूँ'

धर्मेंद्र बेटों के साथ 'अपने' में काम करके बहुत ख़ुश हैं
पहले ‘मेट्रो’ और अब फ़िल्म ‘अपने’ से वापसी कर रहे धर्मेंद्र अपनी फ़िल्मों के लेकर तो खुश हैं ही, लेकिन उन्हें ज़्यादा ख़ुशी इस बात की है कि वे पहली बार अपने दोनों बेटों सनी और बॉबी देओल के साथ दिखाई देंगे.

अपने दोनों बेटों के साथ धर्मेंद्र यह कहना नहीं भूले कि वो अपनी दोनों बेटियों से भी बहुत प्यार करते हैं और वो भी इन्हें अपनी जान से ज़्यादा मानती हैं.

धर्मेंद्र कहते हैं, "अगर मेट्रो जैसा किरदार मुझे पहले भी मिला होता तो मैं ज़रूर करता. मेट्रो में मेरा किरदार छोटा था लेकिन असरदार था. मैं एक्शन फ़िल्में करते करते थक गया हूँ, मैं कुछ अच्छे विषय और कुछ अलग किरदार वाली फ़िल्में करना चाहता हूँ."

बेटों के साथ काम करने के बारे में उनका कहना है, "मेरे लिए यह एक सच होते सपने की तरह है. मैं हमेशा से अपने दोनों बच्चों के साथ काम करना चाहता था. जब निर्देशक अनिल शर्मा ने यह कहानी सुनाई और कहा कि इसमें आपके साथ सनी और बॉबी भी रहेंगे, मैंने तुरंत हाँ कर दी."

फ़िल्म ‘अपने’ एक पिता की भावनाओं पर बनी फ़िल्म है. किस तरह एक पिता अपने बच्चों के लिए अपनी पूरी ज़िंदगी दे देता है लेकिन एक बच्चा अपने पिता को क्या देता है, यही इस फ़िल्म की कहानी है.

 मैं कुछ अच्छे विषय और कुछ अलग किरदार वाली फ़िल्में करना चाहता हूँ

वे कहते हैं, "निर्देशक अनिल शर्मा ने इस कहानी को बहुत ही अच्छे तरीके़ से पेश किया है और इनके साथ काम करने का बहुत ही अच्छा अनुभव रहा."

हेमा मालिनी को परदे पर आज भी उसी जीवंतता से अभिनय करते देखना उन्हें बहुत अच्छा लगता है और उन्हें अगर हेमा के साथ कोई अच्छा किरदार ऑफर हुआ तो ज़रूर करना चाहेंगे.

वे कहते हैं, "मुझे बहुत खुशी होगी कि मैं हेमा के साथ दोबारा अभिनय करूँ. अगर कोई अच्छा किरदार मिलेगा तो मैं खुशी-खुशी उसे करना चाहूँगा."

सम्मान

आइफ़ा में लाइफ़ टाइम अचीवमेंट अवार्ड मिलने के बारे में वे कहते हैं, "मैं इससे बेहद खुश हूँ. मेरे फैन्स मुझे हर बार फोन करते हैं और मुझे चिट्ठी भी लिखते है. वे अभी भी मेरी फ़िल्मों को पसंद करते है और मुझे चाहते हैं यही मेरे लिए सबसे बड़ा अवॉर्ड है. मेरे लिए अवार्ड कोई मायने नहीं रखते हैं और मुझे इस बात का कोई अफ़सोस भी नहीं है कि मुझे ज़्यादा अवार्ड नहीं मिले हैं."

 हम जाट बहुत ज़्यादा व्यवसायिक दिमाग के नहीं होते हैं. भगवान की कृपा से हमारे पास अच्छे और सच्चे दिल हैं

हीमैन के नाम से मशहूर रहे धर्मेंद्र कहते हैं, "आज का सिनेमा बहुत बदल गया है ख़ासतौर से टेक्निकल चीजों में बहुत बदलाव आ गया है. लेकिन मैं मानता हूँ कि बिना भावनाओं के टेक्नॉलॉजी भी काम नहीं कर सकती है."

हाल ही में खबर आई थी कि धर्मेंद्र अपनी होम प्रोडक्शन कंपनी विजयिता प्रोडक्शंस को फिर से शुरू करना चाहते हैं.

धर्मेंद्र कहते हैं, "मैं कभी भी निर्माता नहीं बनना चाहता था लेकिन सनी को फ़िल्म बेताब में उतारने के लिए मैंने इसकी शुरूआत की थी और फिर बॉबी के लिए फ़िल्म बरसात भी बनाई."

वे हँसते हुए कहते हैं, "हम जाट बहुत ज़्यादा व्यवसायिक दिमाग के नहीं होते हैं. भगवान की कृपा से हमारे पास अच्छे और सच्चे दिल हैं."

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