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अपनों के साथ आ रहे हैं धर्मेंद्र | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अनिल शर्मा की जल्द रिलीज़ होने जा रही फ़िल्म 'अपने' में मशहूर अभिनेता धर्मेंद्र अपने दोनों बेटों सन्नी और बॉबी देओल के साथ दिखेंगे. ऐसा पहली बार है कि धर्मेंद्र किसी फ़िल्म में अपने दोनों बेटों के साथ रुपहले पर्दे पर नज़र आएंगे. उनका कहना है कि उन्हें काफ़ी लंबे समय से एक ऐसी कहानी की तलाश थी जिसमें वो सन्नी और बॉबी के साथ काम कर सकें और 'अपने' के साथ उनका ये सपना पूरा होने जा रहा है. हाल ही में मुंबई के एक पांच सितारा होटल में इस नई फ़िल्म अपने का म्यूजिक लांच किया गया. इस मौक़े पर फ़िल्मी दुनिया की पुराने और नए जमाने की हस्तियों ने शिरकत की जिनमें दिलीप कुमार, देवानंद से लेकर सलमान खान और गोविंदा तक शामिल थे. इस मौक़े पर धर्मेंद्र और सन्नी दोनों से बीबीसी ने बातचीत की. जब धर्मेंद्र से ये पूछा गया कि कैसा लग रहा है अपने दोनों बेटों के साथ काम करके तो वो अपनी चिरपरिचित मुस्कान के साथ बोले,'' बहुत अच्छा लगा.'' उनका कहना था,'' मुझे काफ़ी पहले से ऐसी स्क्रिप्ट की तलाश थी जिसमें मैं, सन्नी और बॉबी एक साथ काम कर सकें. बाद में जब अनिल ने ये कहानी सामने रखी तो मुझे अच्छा लगा.'' शर्मीले बेटे दोनों बेटों के बारे में पूछने पर धर्मेंद्र के चेहरे पर रौनक आ गई. वो हंसते हुए बोले,'' मेरा एक बेटा है सन्नी जो कि बेहद शर्मीला है, कम बोलता है लेकिन अपने पापा और फेमिली से बहुत प्यार करता है. दूसरा बेटा है बॉबी जो थोड़ा मस्त अंदाज़ वाला है, लेकिन अच्छा लड़का है.'' जब सन्नी से ये पूछा गया कि उन्हें अपने पापा के बारे में सबसे अच्छा क्या लगता है, तो उनका कहना था,'' मेरे पापा एक रॉक स्टार हैं और मेरे लिए वो भगवान हैं.''
''उनके जैसा मुझे कोई दूसरा नहीं दिखता. इस उम्र में भी वो दूसरों से कहीं ज्यादा हैंडसम हैं.'' धर्मेंद्र फ़िल्म इंडस्ट्री के ऐसे कलाकार हैं जिन्होंने पिछले चार दशकों से अलग अलग भूमिकाओं में दर्शकों का मनोरंजन किया है. वो कहते हैं,'' फ़िल्में मेरी महबूबा है. मैं पूरी तरह से इनमें ही रचा बसा हूं और दर्शक मेरे भगवान हैं. मुझे हमेशा उनका प्यार मिला है.'' धर्मेंद्र को सन्नी की नब्बे की दशक में आई फ़िल्म घायल बेहद पसंद है. उन्होंने बताया कि उस फ़िल्म में जिस तरह से सन्नी ने दमदार रोल किया था उससे उन्हें काफ़ी खुशी हुई थी. धर्मेंद्र-हेमामालिनी की जोड़ी सत्तर और अस्सी के दशक में धर्मेंद्र की जोड़ी हेमामालिनी के साथ रुपहले पर्दे पर बहुत सराही गई थी. अब भी हेमामालिनी का जिक्र छेड़ते ही वो भावुक हो जाते हैं. उनका कहना था कि वो और हेमा 25 सिल्वर जुबली और कई गोल्डेन जुबली फ़िल्में दे चुके हैं और अगर कोई अच्छी कहानी उन्हें मिलेगी तो फिर से एक साथ दिखेंगे. लेकिन इतने लंबे समय तक हिंदी सिनेमा में काम करनेवाले धर्मेंद्र को बहुत कम पुरस्कर मिले हैं. लेकिन वो इससे निराश नहीं दिखते. उनका कहना था कि मेरा असली पुरस्कार दर्शकों से मिला प्यार है. आज भी कहीं जाता हूं तो लोग इतने प्यार से मिलते हैं. धर्मेंद्र का कहना है,'' मैं पंजाब की माटी में पैदा हुआ हूँ और आज भी ख़ुद को वहीं का पाता हूं.'' | इससे जुड़ी ख़बरें 'जो बोले सो निहाल' के ख़िलाफ़ प्रदर्शन14 मई, 2005 | मनोरंजन एक्सप्रेस 'मैं जानता हूँ टायसन को कैसे नचाना है'15 अप्रैल, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस आख़िर क्या है क्रॉसओवर सिनेमा की परिभाषा?26 मई, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस शोले की बात ही कुछ ऐसी है...01 सितंबर, 2004 | मनोरंजन एक्सप्रेस रिलीज़ से पहले ही पहचान बनी31 अक्तूबर, 2003 | मनोरंजन एक्सप्रेस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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