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अब रंगीन बनेगी देवानंद की 'हम दोनों' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिलीप कुमार की 'मुग़ल-ए-आज़म' को रंगीन बनाकर रुपहले पर्दे पर लाने का प्रयोग काफ़ी सफल रहा था. अब इससे उत्साहित होकर सदाबहार अभिनेता देवानंद की फ़िल्म 'हम दोनों' को रंगीन बनाने की तैयारी चल रही है. 'हम दोनों' फ़िल्म 40 साल पहले ब्लैक एंड व्हाइट में बनी थी. फ़िल्म में मुख्य भूमिका निभाने वाले देवानंद ने मुंबई में पत्रकारों को बताया, "पुरानी सदाबहार हिट फ़िल्मों को रंगीन बनाने से न सिर्फ़ पुरानी पीढ़ी बल्कि नई पीढ़ी भी आकर्षित हो रही है है. 'हम दोनों' को रंगीन बनाने की कोशिश सराहनीय है." रंगीन बनकर अब ये फ़िल्म को दिसंबर में पर्दे पर उतरेगी. उल्लेखनीय है कि रंगीन बनाए जाने के बाद एक बार फिर 'मुग़ल-ए-आज़म' ने अपनी कामयाबी के झंडे गाड़े थे. रंगीन रोमांस अपनी फ़िल्म को रंगीन बनाने की कोशिशों से उत्साहित 83 वर्षीय देवानंद का कहना था,"रंगभरा रोमांस रंगीन पर्दे पर अच्छा लगता है. हैदराबाद की गोल्डस्टोन टेक्नोलॉजीज़ नाम की कंपनी ने जब मेरे सामने 'हम दोनों' फ़िल्म को रंगीन बनाने का प्रस्ताव रखा तो मैं बहुत ख़ुश हुआ." 'हम दोनों' फ़िल्म के बारे में देवानंद ने कहा कि अदाकारी के लिहाज़ से ये बहुत चुनौतीपूर्ण फ़िल्म थी. ये एकमात्र ऐसी फ़िल्म है जिसमें देवानंद ने दोहरी भूमिका निभाई है. ये पूछे जाने पर कि वो अपनी और किस फ़िल्म को रंगीन बनाना चाहेंगे तो देवानंद साहब का कहना था कि इस तरह की कोई पसंद तो नहीं है लेकिन वो काला बाज़ार, काला पानी, टैक्सी ड्राइवर और तेरे घर के सामने जैसी फ़िल्मों को वरीयता में रखेंगे. देवानंद को अपनी फ़िल्मों का रीमेक बनाने से भी कोई परेशानी नहीं है लेकिन वो 'गाइड' का रीमेक बनाने के पक्षधर नहीं हैं. देवानंद कहते हैं,"फ़िल्मों का रीमेक बनाना ग़लत नहीं है. लेकिन क्लासिक फ़िल्मों के साथ छेड़-छाड़ नहीं होनी चाहिए. मैं अपनी फ़िल्मों का रीमेक बनाने के ख़िलाफ़ नहीं हूँ. लेकिन मैं नहीं चाहता कि गाइड फ़िल्म का रीमेक बने. वो मेरी पसंदीदा फ़िल्म है." | इससे जुड़ी ख़बरें 'गाइड' का निर्देशक चला गया23 फ़रवरी, 2004 | मनोरंजन एक्सप्रेस मेरी फ़िल्म का रविशंकर से संबंध नहीं: देवआनंद08 अक्तूबर, 2003 को | मनोरंजन एक्सप्रेस देवानंदः एक लंबा सफ़र09 दिसंबर, 2003 | मनोरंजन एक्सप्रेस देवानंद को मिलेगा फाल्के सम्मान09 दिसंबर, 2003 | मनोरंजन एक्सप्रेस देवानंद : एक सदाबहार अभिनेता30 दिसंबर, 2003 | मनोरंजन एक्सप्रेस जो भा जाए वही ख़ूबसूरती10 नवंबर, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस 'मेरे रंगीन जीवन का लेखा है ये आत्मकथा'08 जनवरी, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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