BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
बुधवार, 02 मई, 2007 को 09:56 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
तेज़ रफ़्तार होती ज़िंदगी...
भागदौड़
लोगों के चलने की रफ़्तार पिछले एक दशक में दस फ़ीसदी बढ़ी है
मनोवैज्ञानिकों ने एक अध्ययन में पाया है कि भागदौड़ भरी ज़िंदगी ने लोगों को सामान्य चाल भी तेज़ कर दी है और पिछले क़रीब एक दशक में लोगों की चाल में दस फ़ीसदी की तेज़ी आई है.

ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ़ हर्टफोर्डशायर ने दुनिया के 32 शहरों में अध्ययन करने के बाद पाया कि लोगों के पैदल चलने की रफ़्तार पिछले एक दशक में दस फ़ीसदी बढ़ गई है.

सिंगापुर के लोग सबसे अधिक हड़बड़ी में पाए गए और उनकी चाल सबसे तेज़ है.

इस मामले में कोपेनहेगन दूसरे और मैड्रिड तीसरे नंबर पर है.

न्यूयॉर्क, जो दुनिया का सबसे व्यस्त और भागदौड़ वाला शहर माना जाता है, इस तालिका में आठवें और लंदन 12वें पायदान पर है.

शोधकर्ताओं का कहना है कि दुनिया के सभी बड़े शहरों में लोगों की रफ़्तार पहले के मुकाबले बढ़ी है और इससे शहरों के 'सामाजिक स्वास्थ्य' के बारे में पता चलता है.

ज़िंदगी प्रभावित

इससे से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि बढ़ती रफ़्तार का असर अब अधिक लोगों पर पड़ेगा और इससे ज़िंदगी भी प्रभावित होगी.

इस तरह का अध्ययन दस साल पहले कैलीफ़ोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी के अमरीकी मनोवैज्ञानिक रॉबर्ट लेवीन ने किया था.

स्वास्थ्य पर असर
 इस साधारण आकलन से शहरों में लोगों के शारीरिक और सामाजिक स्वास्थ्य के बारे में पता चलता है. क़दम चाल में तेज़ी से और भी ज़्यादा लोग प्रभावित होंगे क्योंकि शहरों की आबादी तेज़ी से बढ़ती जा रही है.
प्रोफ़ेसर रिचर्ड वाइज़मैन

इस अध्ययन का नेतृत्व करने वाले ब्रितानी मनोवैज्ञानिक प्रोफ़ेसर रिचर्ड वाइज़मैन का कहना था, "इस साधारण आकलन से शहरों में लोगों के शारीरिक और सामाजिक स्वास्थ्य के बारे में पता चलता है. क़दम चाल में तेज़ी से और भी ज़्यादा लोग प्रभावित होंगे क्योंकि शहरों की आबादी तेज़ी से बढ़ती जा रही है."

प्रोफ़ेसर रिचर्ड वाइज़मैन के नेतृत्व में यह नया अध्ययन ब्रिटिश काउंसिल के सहयोग से किया गया है जो 109 देशों में सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देने का काम करती है.

शोधकर्ताओं ने 32 प्रमुख शहरों में सड़कों के किनारे बने फुटपाथों का जायज़ा लिया और देखा कि चौड़े और सपाट फुटपाथ थे जो काफ़ी इस्तेमाल होने से चिकने हो चुके थे.

उन फुटपाथों पर इतनी जगह होती है कि काफ़ी लोग और तेज़ रफ़्तार से एक साथ उस पर चल सकें.

शोधकर्ताओं ने 35 पुरुष और महिलाओं की चाल की रफ़्तार आँकने के लिए घड़ी का सहारा लिया और यह जानने की कोशिश की कि पगडंडी पर 60 फ़ीट की दूरी तय करने के लिए वे कितना समय लेते हैं.

पुरुषों की चाल महिलाओं के मुक़ाबले 25 प्रतिशत तेज़ पाई गई.

इससे जुड़ी ख़बरें
पिज़्ज़ा बचाए कैंसर से?
22 जुलाई, 2003 | विज्ञान
विवाह न करने से समस्या
22 मई, 2003 | पहला पन्ना
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>