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'रंग दे बसंती' रही साल की सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नए तरह के विषय को लेकर बनाई गई राकेश ओमप्रकाश मेहरा की फ़िल्म 'रंग दे बसंती' को इस साल के फ़िल्म फ़ेयर पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म चुना गया. वैसे 'रंग दे बसंती' को कुल पाँच पुरस्कार मिले जिनमें सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का ख़िताब भी शामिल है. 'धूम-2' से जवाँ दिलों में धूम मचाने वाले ऋतिक रोशन को इस साल के फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के ख़िताब से नवाज़ा गया. जबकि अभिनेत्रियों में यह सेहरा 'फ़ना' फ़िल्म से वापसी करने वाली काजोल के सिर बंधा. शेक्सपियर की 'ओथेलो' से प्रेरित विशाल भारद्वाज की 'ओंकारा' को आठ और गाँधीगिरी का पाठ पढ़ाने वाली फ़िल्म 'लगे रहो मुन्नाभाई' को पाँच फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार मिले.
शनिवार रात मुंबई के यशराज स्टूडियो में हुए एक रंगारंग समारोह में बावनवें फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कारों की घोषणा की गई. 'रंग दे बसंती' को सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म के साथ-साथ सर्वश्रेष्ठ निर्देशन, संगीत, छायांकन और संपादन का भी पुरस्कार मिला. 'रंग दे बसंती' के लिए ही आमिर ख़ान को आलोचकों की तरफ से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार दिया गया. पुरस्कार 'ओंकारा' के लंगड़ा त्यागी यानी सैफ़ अली ख़ान को सबसे बेहतरीन नकारात्मक भूमिका निभाने के लिए पुरस्कार दिया गया. 'फ़ना' फ़िल्म के 'चाँद सिफ़ारिश...' गाने के लिए प्रसून जोशी को सर्वश्रेष्ठ गीतकार का पुरस्कार मिला. बीते साल प्रसून जोशी के लिखे 'रंग दे बसंती' और 'फ़ना' फ़िल्मों में गाने ख़ूब चले थे. इसी गीत के गायकों शान और कैलाश खेर को सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक का पुरस्कार मिला. 'रंग दे बसंती' फ़िल्म में बेहतरीन संगीत देने वाले ए आर रहमान को सर्वश्रेष्ठ संगीतकार के पुरस्कार से नवाज़ा गया.
जया बच्चन और गीतकार जावेद अख़्तर को सिनेमा में बेहतरीन योगदान के लिए 'लाइफ़ टाइम अचीवमेंट एवार्ड' दिया गया. साल के सबसे बेहतरीन चेहरे का पुरस्कार और उदीयमान कलाकार का पुरस्कार 'गैंगस्टर' फ़िल्म से मायानगरी में कदम रखने वाली अभिनेत्री कंगना राणावत को मिला. 'लगे रहो मुन्नाभाई' में एक बार फ़िर सर्किट के किरदार से दर्शकों को हँसाने वाले अरशद वारसी को सर्वश्रेष्ठ हास्य कलाकार का पुरस्कार दिया गया. पिछले साल अलग-अलग कारणों से ख़बरों में बने रहने वाले अभिषेक बच्चन को 'कभी अलविदा न कहना' फ़िल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ सह-अभिनेता का पुरस्कार दिया गया. कार्यक्रम का संचालन शाहरुख़ ख़ान ने किया जिसमें जूही चावला, करण जौहर और प्रीटी जिंटा ने बारी-बारी से उनका साथ दिया. फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कारों को मीडिया और आम जनता से दूर रखा गया था. | इससे जुड़ी ख़बरें प्रीति ज़िंटा और ऋतिक रोशन ने बाज़ी मारी21 फ़रवरी, 2004 | पत्रिका फ़िल्मफ़ेयर ने प्रायोजक हटाया09 फ़रवरी, 2005 | पत्रिका फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कारः शाहरूख़-रानी सर्वश्रेष्ठ27 फ़रवरी, 2005 | पत्रिका 'ब्लैक' फ़िल्मफ़ेयर अवार्ड्स में छाई25 फ़रवरी, 2006 | पत्रिका आमिर ने 21 करोड़ का दावा ठोका26 फ़रवरी, 2006 | पत्रिका | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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