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'ख़्वाहिश शाहरुख़ के साथ काम करने की' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तनुश्री दत्ता का नाम ऐसी अभिनेत्रियों में गिना जाता है जो बॉलीवुड की गिनी-चुनी फ़िल्मों के बाद ही अपनी पहचान बनाने में सफल रही हैं. फ़ेमिना मिस इंडिया 2004 और मिस यूनिवर्स 2004 के टॉप टेन में अपनी जगह बनाने वाली तनुश्री की अब तक की फ़िल्में हैं- 'आशिक़ बनाया आपने', 'चॉकलेट' और 'भागमभाग'. इन फ़िल्मों में उन पर कई आइटम गाने भी फ़िल्माए गए हैं. 'भागमभाग' में अपने डांस गाने प्यार के सिगनल को लेकर तनुश्री काफ़ी उत्साहित दिखी. उनकी आने वाली फ़िल्म 'रिस्क' है जिसमें विनोद खन्ना, रणदीप हुड्डा, ज़ाकिर हुसैन, सीमा बिस्वास की मुख्य भूमिका में है. किसी भी फ़िल्म के लिए हाँ बोलने से पहले वे बैनर और उस फ़िल्म में इन्हें किस तरह दिखाया जाएगा, उस पर ज़्यादा ध्यान देती हैं. ऐसी ही कई बातों पर हुई चर्चा के अलावा इनकी फ़िल्म 'रिस्क' को लेकर हुई बातचीत के मुख्य अंश: फ़िल्म रिस्क में अपने किरदार के बारे में बताइए? रिस्क एक डार्क फ़िल्म है जिसमें मैं कुछ रंग भरती नज़र आऊंगी. यह एक सच्चा किरदार है जिसमें कई शेड्स है. दुर्भाग्य से विनोद खन्ना जी के साथ में मेरा कोई सीन नहीं है. ऐसा माना जाता है कि इस तरह की फ़िल्मों में अभिनेत्रियों के लिए काम कम हो जाता है, आप क्या मानती हैं? मेरे ख़्याल से पुरूष केंद्रित फ़िल्मों में अभिनेत्रियों का काम कम हो ही जाता है लेकिन काम गैर ज़रूरी न हो यह देखना ज़्यादा ज़रूरी होता है. इस फ़िल्म में मेरा किरदार उतना ही मज़बूत है जितना कि हीरो का. आपने इस फ़िल्म के लिए हाँ करने से पहले क्या देखा था ? विश्राम सावंत की पहली फ़िल्म 'डी' से ही मैं काफ़ी प्रभावित हुई थी. उनके अच्छे काम की वजह से उनका बहुत नाम रहा है फिर चाहे वह निर्देशक के तौर पर हो या फिर टेक्निशियन के तौर पर. इसके अलावा फ़िल्म के लिए एप्रोच करने का उनका तरीक़ा और फ़िल्म की कहानी मुझे बहुत पसंद आई. इसलिए मैंने हाँ कर दी. शूटिंग ख़त्म होने के बाद क्या आप अपने रोल से संतुष्ट हैं ? मैं पहले से ही अलग-अलग किरदार निभाना चाहती थी. उन्होंने मुझे जो रोल और जगह देने का वादा किया था वह पूरी तरह से निभाया. जिस तरह से विश्राम जी ने मुझे इस फ़िल्म में दिखाया है उससे मैं बहुत ख़ुश हूँ और संतुष्ट भी. आपकी फ़िल्म 'आशिक़ बनाया आपने' एक संगीतमय फ़िल्म थी, इस फ़िल्म के संगीत के बारे में आप क्या कहेंगी? इस फ़िल्म का संगीत भी अच्छा है. ख़ासकर हिचकी गाना मुझे बहुत पसंद है ये मेरे दिल के क़रीब भी है. आपने प्रियदर्शन की फ़िल्म भागमभाग में भी काम किया है, उनकी फ़िल्म के सेट का माहौल कैसा होता है ? भले ही फ़िल्में कॉमेडी हो पर सेट का माहौल गंभीर ही रहता है. मेरे ख़्याल से अगर फ़िल्म के सेट पर भी हँसी-मज़ाक का माहौल रहेगा तो काम कैसे होगा. कॉमेडी फ़िल्में बहुत ही नाजुक होती है इसलिए इसके सेट पर लोग काफ़ी गंभीर रहते है. चूँकि आपने कॉमेडी मास्टर गोविंदा, अक्षय और परेश रावल के साथ काम कर लिया है तो क्या अब आपको कॉमेडी मास्टर कह सकते हैं ? नहीं, नहीं अभी मैं कॉमेडी मास्टर नहीं हो पाई हूँ लेकिन धीरे-धीरे इसे सीख ज़रूर रही हूँ. कोई ऐसी फ़िल्म जिसे आप करना चाहती हैं? मैं यश चोपड़ा की फ़िल्म में काम करना चाहती हूँ. मेरे हीरो शाहरूख़ ख़ान हो और फ़िल्म रोमांटिक हो जैसा कि यश चोपड़ा की फ़िल्में होती हैं. आप आइटम नंबर करने के लिए भी जानी जाती हैं, क्या इससे आपको कोई फ़ायदा नज़र आता है? अक्सर लोग मुझसे पूछते हैं कि मैं आइटम नंबर्स क्यों करती हूँ. बड़े बैनर में जाने के लिए यह बहुत ज़रूरी होता है. जैसे मैंने मुक्ता आर्टस की फ़िल्म 36 चायना टाउन में एक आइटम गाना किया था और उसके बाद मुक्ता की तीन फ़िल्मों के लिए मेरा कॉन्ट्रैक्ट हुआ. | इससे जुड़ी ख़बरें नहीं-नहीं..अभी नहीं....अभी करो इंतज़ार31 दिसंबर, 2006 | पत्रिका एक मुलाक़ात: प्रीति ज़िंटा के साथ31 दिसंबर, 2006 | पत्रिका तीन महानगरों में आज से 'कैस'31 दिसंबर, 2006 | पत्रिका बॉलीवुड के लिए बेहतरीन रहा 200628 दिसंबर, 2006 | पत्रिका कसीनो रॉयाल सबसे कामयाब बॉंन्ड फ़िल्म27 दिसंबर, 2006 | पत्रिका 'सोल' संगीत के जनक ब्राउन का निधन25 दिसंबर, 2006 | पत्रिका फिर साथ-साथ शाहरुख़ और काजोल?23 दिसंबर, 2006 | पत्रिका 'रीमेक फ़िल्मों से फ़र्क नहीं पड़ता' 24 दिसंबर, 2006 | पत्रिका | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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