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बच्चे का जन्म टाल रही हैं जर्मन महिलाएँ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जर्मनी में गर्भवती महिलाएँ सरकारी योजना के तहत मिलने वाले पैसे को पाने के लिए पहली जनवरी तक अपने बच्चों को जन्म नहीं देना चाहतीं. दरअसल, सरकार की नई घोषणा के मुताबिक एक जनवरी के बाद पैदा होने वाले बच्चे के माता-पिता को उसके पालन-पोषण के लिए 25,200 यूरो यानी तकरीबन 15 लाख रुपए दिए जाएंगे. कम जन्म दर से चिंतित जर्मन सरकार ने बच्चे पैदा करने को प्रोत्साहित करने के लिए इस योजना की शुरुआत की है. लेकिन नए साल से एक मिनट पहले भी पैदा हुए बच्चे के माता-पिता को इसका लाभ नहीं मिलेगा. जर्मनी में एक महिला के औसतन 1.37 बच्चे हैं जबकि जनसंख्या को स्थिर रखने के लिए यह आँकड़ा 2.1 होना चाहिए. रिपोर्टों के मुताबिक इसके चलते गर्भवती महिलाएँ अपने बच्चे के जन्म को एक जनवरी तक रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं. हिदायत हालांकि, डॉक्टरों ने शिशु के जन्म को रोकने के लिए महिलाओं को किसी तरह की दवा ना लेने की हिदायत दी है. उनका कहना है कि इस तरह पैसे के लालच में महिलाएं होने वाले बच्चे की जिंदगी ख़तरे में डाल रही हैं. दूसरी ओर महिलाएँ हर हाल में बच्चे के जन्म को नए साल तक टालना चाहती हैं. इसके लिए वे रेड वाइन और शारीरिक क्रियाओं की मदद ले रही हैं. इसके अलावा दाइओं ने गर्भवती महिलाओं को सलाह दी थी कि वे क्रिसमस पर बनने वाले व्यंजनों को भी खाने से परहेज करें. उधर अस्पताल एक जनवरी को होने वाली भीड़ से निपटने के लिए पूरी तरह कमर कस चुके हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें गर्भवती महिलाओं को विशेष पहचान09 अगस्त, 2006 | पत्रिका अमरीकी राज्य में गर्भपात पर प्रतिबंध 07 मार्च, 2006 | पहला पन्ना एक बच्चे की तीन माताएँ26 अक्तूबर, 2005 | विज्ञान माँ चिंतित तो बच्चा चिंतित28 सितंबर, 2005 | विज्ञान गर्भवती महिला के पेट पर विज्ञापन16 फ़रवरी, 2005 | पत्रिका कैंसरग्रस्त महिलाओं का माँ बनना आसान24 सितंबर, 2004 | विज्ञान पांडा को यौन शिक्षा से फ़ायदा04 सितंबर, 2004 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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