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नाटक लेखन प्रतियोगिता के दो विजेता | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बीबीसी हिंदी की ओर से आयोजित नाटक लेखन प्रतियोगिता हज़ारीबाग, झारखंड के अमर कुमार सिंह और सीकर,राजस्थान के श्रीपाल नेहरा ने जीत ली है. यह प्रतियोगिता इस साल के शुरु में आयोजित की गई थी. बीबीसी हिंदी की प्रमुख अचला शर्मा ने दिल्ली में विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए जबकि बीबीसी हिंदी के भारत संपादक संजीव श्रीवास्तव ने विजेताओं को प्रमाण पत्र दिए. ईनाम के तौर पर इन दोनों विजेताओं को बीबीसी हिंदी की तरफ से प्रमाणपत्र, एक शॉर्ट वेव रेडियो और 15000 रुपए की राशि दी गई. इस प्रतियोगिता में क़रीब 1200 प्रविष्टियां आईं थीं जिसमें से अमर कुमार सिंह और श्रीपाल नेहरा के नाटकों सर्वश्रेष्ठ पाया गया.
दोनों नाटकों का अब रेडियो रूपांतरण किया जाएगा. इन रेडियो नाटकों को सजीव बनाने के लिए स्थानीय कलाकारों की आवाज़ इस्तेमाल की जाएगी. ये नाटक बीबीसी रेडियो की हिंदी सेवा पर दिसंबर में प्रसारित किए जाएँगे. बीबीसी हिंदी सेवा की प्रमुख अचला शर्मा ने इस मौके पर कहा, " बीबीसी हिंदी सेवा अपने श्रोताओं के बीच संवाद के लिए एक मंच की तरह काम करना चाहता है. इस प्रतियोगिता को श्रोताओं की ओर से भारी समर्थन मिला. प्रविष्टियां इतनी ज़्यादा मिली कि निर्णय लेना कठिन हो गया था." बीबीसी हिंदी की प्रमुख अचला शर्मा ने यह भी कहा कि हम इस तरह की प्रतियोगिताओं के माध्यम से आम जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना चाहते हैं. इन नाटकों में भारतीय परिवारों के कमजोर पड़ते संबंधों और समाज में फैलते भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को उठाया गया है. बीबीसी हिंदी की प्रमुख ने कहा," मैं इन दोनों विजेताओं को हार्दिक बधाई देती हूँ और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हूँ."
अमर कुमार सिंह हज़ारीबाग के सेंट कोलंबस कॉलेज में बीएससी ऑनर्स अंतिम वर्ष के छात्र हैं. और राजस्थान के रहने वाले श्रीपाल नेहरा पेशे से वकील हैं. किसान परिवार में जन्मे श्रीपाल नेहरा ने बताया कि वो कविता और कहानियां तो लिखते रहते थे लेकिन नाटक पहली बार लिखा. लंबे समय से बीबीसी के श्रोता श्रीपाल ने कहा," मैं अपने आप को बहुत भाग्यशाली समझता हूँ कि मेरा पहला ही नाटक बीबीसी हिंदी सेवा से पुरस्कृत हुआ." पुरस्कार लेने के बाद काफ़ी खुश दिख रहे श्रीपाल ने बताया कि वो न्यायिक सेवा में जाना चाहते हैं और ऐसे ही लिखते रहना चाहते हैं. अमर ने कहा," बीबीसी से मेरा पुराना नाता है. इस समय मैं बहुत रोमांचित महसूस कर रहा हूँ क्योंकि ख़ुद बीबीसी मेरे काम को पुरस्कृत कर रहा है." प्रशासनिक सेना की तैयारी कर रहे अमर कुमार सिंह ने कहा, "मैं सामाजिक कार्यकर्ता बन समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार को ख़त्म करना चाहता हूँ. मेरा नाटक भी समाज के पढ़े लिखे तबके के बीच बढ़ते भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाता है." | इससे जुड़ी ख़बरें बीबीसी हिंदी के साथ एक लंबी यात्रा16 सितंबर, 2004 | आपकी राय बीबीसी हिंदी डॉटकॉम आपकी नज़र में24 नवंबर, 2005 | आपकी राय बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के श्रोताओं की संख्या बढ़ी15 मई, 2006 | पत्रिका बीबीसी शुरू करेगा फ़ारसी टीवी चैनल10 अक्तूबर, 2006 | पत्रिका आप लिखिए नाटक, हम करेंगे प्रसारण02 दिसंबर, 2005 | पत्रिका 'ब्लैक' सूची में सबसे ऊपर है06 जनवरी, 2006 | पत्रिका बीबीसी पत्रकार रामदत्त त्रिपाठी सम्मानित19 जून, 2006 | पत्रिका | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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