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रवींद्रनाथ की कहानियाँ अब हिब्रू में भी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रवींद्रनाथ ठाकुर की कहानियों का संकलन हिब्रू भाषा में छपकर बाज़ार में आ गया है. 'स्त्री' नाम के इस संकलन को लेकर इसराइल के भारत प्रेमी लोगों में ख़ासा उत्साह दिख रहा है. इसे इसराइल के सार प्रकाशन ने छापा है और सभी कहानियों से बांग्ला भाषा से हिब्रू में अनूदित किया गया है. इसके प्रकाशक सार गनोच कहते हैं, "मेरे ख़याल में रवींद्रनाथ पिछली सदी के भारत के सबसे बेहतरीन साहित्यकार हैं, उन्हें नोबेल पुरस्कार तो मिला ही था, वे एक महान दार्शनिक थे." गनोच कहते हैं, "उनकी कहानियाँ भारत के आम जीवन की सुंदर कहानियाँ हैं जिनमें स्त्री पात्रों का बहुत ही संवेदनशील चित्रण किया गया है, यह विषय मेरे दिल के बहुत करीब है इसलिए मैंने इसे अनुवाद के लिए चुना." ख़ुद को भारत प्रेमी बताने वाले गनोच कहते हैं कि वे भारत संबंधित और किताबों के प्रकाशन की योजना बना रहे हैं, ये किताबें भी रवींद्रनाथ से जुड़ी होंगी. उन्होंने बताया कि 'मिस्टीक मूड्स' नाम से वे एक और किताब का प्रकाशन करने जा रहे हैं जिसमें रवींद्रनाथ के लेख होंगे, साथ ही एक सचित्र पुस्तक का प्रकाशन किया जाएगा जिसमें भारत के विविधतापूर्ण जीवन की सुंदर झाँकी होगी. उन्होंने कहा कि सचित्र पुस्तक में महात्मा गाँधी और रवींद्रनाथ के प्रेरणादायक कथनों को भी शामिल किया जाएगा. रवींद्रनाथ का इसराइल में काफ़ी सम्मान है और वे अकेले भारतीय साहित्यकार हैं जिनके नाम पर इसराइल में एक सड़क का नाम रखा गया है. हिब्रू विश्वविद्यालय के उदघाटन के लिए दुनिया भर से जिन नामी हस्तियों को बुलाया गया था उनमें रवींद्रनाथ भी थे, उदघाटन समारोह में वे नहीं पहुँच सके थे लेकिन उन्होंने अपना संदेश लिखकर भेजा था. उन्होंने लिखा था, "मैं आशा करता हूँ कि यह विश्वविद्यालय दुनिया की अलग-अलग संस्कृतियों को जोड़ने का काम करेगा. मैं आशा करता हूँ कि यह पूरब और पश्चिम के बीच सेतु का काम करेगा." इंडियन स्टडीज़ की एक छात्रा अनत यागिल ने कहा, "मुझे बहुत ख़ुशी है कि मैं भारतीय क्लासिक को हिब्रू में पढ़ सकूँगी." | इससे जुड़ी ख़बरें टैगोर के नोबेल पदक की प्रतिकृति मिली08 दिसंबर, 2004 | भारत और पड़ोस वाजपेयी जाँच में धीमी प्रगति से नाराज़02 अप्रैल, 2004 | भारत और पड़ोस नोबेल पदक चोरी मामले में छह गिरफ्तार30 मार्च, 2004 | भारत और पड़ोस नोबेल पदक चोरी की जाँच सीबीआई को28 मार्च, 2004 | भारत और पड़ोस रबीन्द्रनाथ टैगोर का नोबेल पदक चोरी25 मार्च, 2004 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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