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नोबेल पदक चोरी की जाँच सीबीआई को | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गुरुदेव रबीन्द्र नाथ टैगोर का नोबेल पुरस्कार मेडल और प्रमाण पत्र चोरी होने के मामले की जाँच केंद्रीय जाँच एजेंसी सीबीआई को सौंप दी गई है. ग़ौरतलब है कि साहित्य के लिए 1913 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित टैगोर की यह धरोहर इसी सप्ताह चोरी हो गई थी. पश्चिम बंगाल सरकार ने इस मामले की जाँच अब सीबीआई से करने के लिए कहा है. मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने रविवार को पत्रकारों को बताया कि पहले उन्होंने इस मामले में शांतिनिकेतन विश्वविद्यालय के कुलपति सुजीत बासु से बात की. फिर उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी से संपर्क किया जिन्होंने सीबीआई जाँच को हरी झंडी दे दी. उम्मीद की जा रही है कि अब पश्चिम बंगाल के गृह सचिव अमित किरन देब इस बारे में सीबीआई को औपचारिक अनुरोध भेजेंगे. मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि राज्य पुलिस अपने स्तर पर इस मामले की जाँच जारी रखेगी. यह चोरी इसी सप्ताह गुरूवार को हुई थी लेकिन पुलिस को अभी इस बारे में कोई सुराग नहीं मिला है. |
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