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नोबेल पदक चोरी मामले में छह गिरफ्तार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पश्चिम बंगाल की पुलिस ने रबीन्द्र नाथ टैगोर के नोबेल पुरस्कार की चोरी के सिलसिले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रबींद्रनाथ सरकार ने बीबीसी को बताया कि गिरफ़्तार किये गये 6 लोगों में से 2 रबीन्द्र भवन के पूर्व कर्मचारी हैं. रबीन्द्र भवन से ही पिछले सप्ताह रबीन्द्र नाथ टैगोर का नोबेल पदक और प्रमाणपत्र चोरी हो गया था जो उन्हें नोबेल पुरस्कार के साथ मिला था. इस सिलसिले में पुलिस ने बीरभूम, नदिया और मुर्शिदाबाद इलाक़ों से 16 अन्य लोगों को भी जाँच-पड़ताल के लिए हिरासत में लिया है. उधर केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने भी इस मामले की अलग जाँच शुरू कर दी है. शुक्रवार को भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी शाँतिनिकेतन के दौरे पर जा रहे हैं. इस बारे में राज्य के गृह सचिव को प्रधानमंत्री कार्यालय से अधिकारिक सूचना भी जारी की जा चुकी है. रबीन्द्र भवन शाँतिनिकेतन के परिसर में ही स्थित है. विश्व प्रसिद्ध बांग्ला लेखक और कवि रबीन्द्रनाथ टैगोर इसी परिसर में रहा करते थे. गुरूवार को रबीन्द्र नाथ टैगोर के मैडल और प्रमाण पत्र चोरी होने के बाद पुलिस का कहना था कि ये सामान शांति निकेतन के उत्तरायण में हुई चोरी के साथ ही गया है. पुलिस के अनुसार संग्रहालय में आने वाले एक व्यक्ति को इस चोरी का सबसे पहले पता चला जब उसने देखा कि शोकेस में पदक और प्रमाणपत्र नहीं है. इसके बाद उस व्यक्ति ने इसकी जानकारी सुरक्षाकर्मियों को दी. भारत के राष्ट्रगान के रचयिता रबीन्द्र नाथ टैगोर को 1913 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. |
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