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ज़िया उल हक़ बनेंगे ओम पुरी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हिंदी-अँगरेज़ी फ़िल्मों में तरह-तरह के किरदार निभाने वाले ओम पुरी की अदाकारी में एक और नया रंग जुड़ने जा रहा है, वे हॉलीवुड की एक फ़िल्म में पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल ज़िया उल हक़ की भूमिका निभाएँगे. फ़िल्म का नाम है ‘चार्ली विल्संस वार’जो कि इसी नाम की एक राजनीतिक पुस्तक पर आधारित है. कहानी के अनुसार टेक्सस राज्य की काँग्रेस का एक सदस्य चार्ली विल्सन सीआईए की मदद से अफ़ग़ानिस्तान में सोवियत फ़ौज के विरुद्ध लड़ने वाले अफ़ग़ानों की सहायता की एक योजना बनाता है जिसमें पाकिस्तानी राष्ट्रपति जनरल ज़िया-उल-हक़ को इसमें सीधे शामिल कर लिया जाता है. ओम पुरी शुरू से ही चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं में नज़र आते रहे हैं. फ़िल्म ‘आक्रोश’ और 'अर्धसत्य' में उन्हें भरपूर सराहना मिली लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी पहचान बनी फ़िल्म ‘ईस्ट इज़ ईस्ट’ से जिसमें उन्होंने एक पाकिस्तानी रेस्तराँ मालिक की भूमिका निभाई थी. फ़िल्म ‘चार्ली विल्संस वार’का शुरूआती हिस्सा अमरीका के अंदर उन राजनितिज्ञों की भाग-दौड़ पर आधारित है जो अफ़ग़ानिस्तान में सोवियत फ़ौजों की उपस्थिति से नाराज़ हैं और हर क़ीमत पर उन्हें परास्त करना चाहते हैं. इसी कारण से अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए वह ऑपरेशन शुरू करती है जिसे इतिहास की सबसे बड़ी ख़ुफ़िया कार्रवाई भी कहा जाता है. ओम पुरी का कहना है कि जनरल ज़िया उल हक़ की भूमिका निभाना उनके लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है लेकिन अब जब वह इस चुनौती को क़बूल कर चुके हैं तो पलट कर वापस नहीं देखेंगे और इस काम को भलिभांति पूरा करेंगे. अफ़ग़ानिस्तान में ख़ुफ़िया कार्रवाई की योजना बनाने वाले काँग्रेस सदस्य चार्ली विल्सन का पात्र जाने-माने हॉलीवुड अभिनेता टॉम हैंक्स निभा रहे हैं और हॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री जूलिया रॉबर्ट्स भी इस फ़िल्म में दिखेंगी. सन 1980 के दशक का अफ़ग़ानिस्तान दिखाने के लिए मौजूदा अफ़ग़ानिस्तान में शूटिंग करना ख़तरे से ख़ाली नहीं इसलिए कुछ शूटिंग तो हॉलीवुड में सेट लगा कर की जाएगी और जिन दृश्यों की शूटिंग बाहर ही हो सकती है उनके लिए मोरक्को में शूटिंग होगी. अनुमान लगाया जाता है कि 18 महीने में फ़िल्म पूरी हो जाएगी और उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिलीज़ किया जाएगा. |
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