BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
गुरुवार, 05 अक्तूबर, 2006 को 16:10 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
गांधीगिरी बनाम फाँसीगिरी
बिंदास बाबू
(बिंदास बाबू की डायरी)

गांधीगिरी के मुल्क में फाँसीगिरी हो रही हैं. मुन्ना भाई ने गांधीगिरी करते-करते सीखा है कि जब कोई एक गाल पर तमाचा मारे तो दूसरा गाल आगे कर दो.

गांधीगिरी के इस दौर में फाँसीगिरी इसीलिए एंटी-गांधीगिरी हरकत है.

अरे, संसद पर किसी एक ने हमला किया तो तुरंत दूसरी संसद हाज़िर कर दो. संसद की हिफ़ाजत करते हुए जो सिपाही मारे गए, उन्हें कहो कि एकबार फिर मरने के लिए आएँ.

किसी ज़माने में मारने वाले से बचाने वाला बड़ा माना जाता था. आजकल बचाने वाला से मारने वाला बड़ा हो रहा है.

सत्याग्रह के 100वें वर्ष में महाबली सरकार अचानक अहिंसक भाव से काँप रही है.

श्रीनगर की गद्दी काँप रही है, सब कह रहे है फाँसी की जगह करो करुणा. गलती हो गई. अब क्या बच्चे की जान लोगे. मानवाधिकार देखो, दानव न बनो. फाँसी देना गांधी के देश में एंटी गांधीगिरी है.

 श्रीनगर की गद्दी काँप रही है, सब कह रहे है फाँसी की जगह करो करुणा. गलती हो गई. अब क्या बच्चे की जान लोगे. मानवाधिकार देखो, दानव न बनो. फाँसी देना गांधी के देश में एंटी गांधीगिरी है

तभी एक विधवा मिली. वह तो छह साल से रो रही थी. उसके बच्चे रोना भूल गए थे. उसका पति संसद की हिफ़ाजत में ड्यूटी पर था. संसद पर हमले में वो मारा गया.

विधवा ने जब माफ़ी की बात सुनी तो बोली, "ये ही तो मुल्क में हो सकता है. मारने वाले के सारे हक़ हैं, मरने वाले के मानवाधिकार नहीं होते. जिन्हें मारते वक़्त तरस न आया. वे किस तरस की बात करते हैं. किस करुणा की बात करते हैं."

ऐसी अनेक विधवाएँ एक सुबह गांधी जी से मिलने गई. गांधी जी की समाधि के पहरेदारों ने उन्हें गेंट पर ही रोक दिया. कहा-बापू चरखा कात रहे हैं. बाद में आना.

वे वहाँ से चलकर सरकारे-आला के पास गईं. सरकार बोली, "अरी विधवाओं, तुम क्यों ज़िद से इस सरकार को विधवा करना चाहती हो. देखो, फाँसी देने की बात मत करो. जानती नहीं गांधी जी ने क्या कहा था. कोई एक गाल पर तमाचा मारे तो दूसरा गाल आगे कर दो."

 क्या इंदिरा के हत्यारों की फाँसी को माफ़ किया गया. गांधी जी के हत्यारों को माफ़ किया गया और जो मुंबई काँड के दोषी लोग हैं उनकी फाँसी की सज़ा माफ़ करोगे. अरे, अगर मारने वाले इतने ही भले हैं तो क्यों कोर्ट-कचहरी करते हो, सज़ा की बात करते हो. वे जब भी मारे तो गाल आगे करने की बात क्यों करते हो. उन्हें भारतरत्न क्यों नहीं दे देते

औरतें जोर-जोर से रोने लगी. बच्चे चीखने लगे. कुछ देर बाद औरतें बोलीं, "हमारा तो आदमी मारा गया. तुम उसे ज़िंदा कर दो तो हम उसे फिर क्षमा कर देंगे. ये गाल की बात नहीं सरकार जी आदमी की बात है. आदमी कहाँ से लाएँ."

"क्या इंदिरा के हत्यारों की फाँसी को माफ़ किया गया. गांधी जी के हत्यारों को माफ़ किया गया और जो मुंबई काँड के दोषी लोग हैं उनकी फाँसी की सज़ा माफ़ करोगे. अरे, अगर मारने वाले इतने ही भले हैं तो क्यों कोर्ट-कचहरी करते हो, सज़ा की बात करते हो. वे जब भी मारे तो गाल आगे करने की बात क्यों करते हो. उन्हें भारतरत्न क्यों नहीं दे देते."

सरकारें आला क्षुब्ध विधवाओं का विलाप सुन कर ख़ुद सन्न रह गई. लाइन लेने के लिए वो फिर गांधी जी के पास गई लेकिन गांधी जी हमेशा की तरह समाधि में चले गए और हत्यारे नए निशाने ढूँढने में लगे थे.

(बिंदास बाबू की डायरी का यह पन्ना आपको कैसा लगा. लिखिए [email protected] पर)

बिंदास बाबूरामलीला में वीआईपी
रामलीला की वीआईपी लीला पर बिंदास बाबू की बेबाक डायरी...
बिंदास बाबू'मिल्क पुराण'
बिंदास बाबू कहते हैं कि सावन-भादों मिल्कावतार का सीज़न है.
बिंदासकॉमरेड कोला
बिंदास बाबू कहते हैं कि कोला पुराण के आगे कॉमरेड भी छोटे हैं.
बिंदासबात इज़्ज़त की
बिंदास बाबू कहते हैं कि इस देश में इज़्ज़त के लिए मर मिटने की बीमारी शाश्वत है.
बिंदासजासूसी का खेल
बिंदास बाबू कहते हैं कि जासूसों की लीला अनंत है. जासूसी निर्गुण एक्शन है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>