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मल्लिका को चाहिए औरतों का समर्थन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मल्लिका शेरावत को समझ में आ गया है कि औरतों के समर्थन के बिना उनका करियर आगे नहीं बढ़ सकता. बोल्ड और सेक्सी मल्लिका ने अब तक तो पुरुषों का दिल लुभाने में समय बिता दिया और उन्हें सफलता भी मिली. लेकिन औरतें उन्हें ज़्यादा पसंद नहीं करतीं हैं क्योंकि महिलाओं को पता है कि मल्लिका को देखकर और उनके बोल्ड कमेंट्स सुनकर पुरुषों का दिमाग़ कैसे ख़राब हो जाता है. ख़ैर इस हफ़्ते आई अपनी नई फ़िल्म प्यार के साइड इफ़ेक्ट्स में मल्लिका ने अपनी पिछली फ़िल्मों के मुक़ाबले कम अंग प्रदर्शन किया है. शायद पहली बार उन्होंने अपने हुनर का सही प्रदर्शन किया है. मल्लिका ने कहा, "मैं प्रार्थना कर रही हूँ कि औरतें अब मुझे पसंद करें. मुझे उनके सहयोग की सख़्त ज़रूरत है. इसके लिए मैं काफ़ी डरी हुई भी हूँ." --------------------------------------------------------------------------------- महंगी बेबी निर्माता साजिद नाडियाडवाला अपनी अगली फ़िल्म हे बेबी के लिए रूपया पानी की तरह बहा रहे हैं. साजिद ख़ान इस फ़िल्म के निर्देशक हैं और इस फ़िल्म में मुख्य भूमिका है- अक्षय कुमार, फ़रदीन ख़ान, रितेश देशमुख और विद्या बालन की.
इस फ़िल्म के लिए साजिद नाडियाडवाला ने टेस्ट शूटिंग का बंदोबस्त किया है जो बॉलीवुड के लिए नई बात होगी. टेस्ट शूटिंग इसलिए ताकि असली शूटिंग के वक़्त कोई दिक़्क़त ना हो. बस इतना ही नहीं, नाडियाडवाला ने मोशन कैप्चर टेक्नॉलॉजी का इस्तेमाल करने का भी फ़ैसला कर लिया है क्योंकि इस फ़िल्म में नौ-दस महीने की बच्ची भी काम करेगी. इस तकनीक के ज़रिए अगर बच्ची शूटिंग के समय रो रही है या सो रही है तो बाद में कंप्यूटर उस बच्ची का हँसता चेहरा उस सीन में दिखाएगा. इसमें पैसे तो ख़ूब ख़र्च होंगे लेकिन साजिद नाडियाडवाला को क्वालिटी के सामने कुछ और नज़र नहीं आ रहा. -------------------------------------------------------------------------------- सैफ़ और फ़रदीन दुश्मन नहीं दोस्त हैं इन दिनों ये ख़बर गर्म है कि फ़रदीन ख़ान ने टिप्स की नई फ़िल्म रेस में काम करने से इसलिए मना कर दिया क्योंकि इस फ़िल्म में सैफ़ अली ख़ान भी हैं.
उनकी सैफ़ से नाराज़गी इसलिए है कि सैफ़ ने उनके पिताजी फ़िरोज़ ख़ान की फ़िल्म में काम करने से इनकार कर दिया था. लेकिन सच्चाई ये है कि फ़रदीन और सैफ़ दोस्त हैं और दोनों की उन दो फ़िल्मों में काम नहीं करने की वजह एक ही थी- डेट्स की समस्या. ख़ैर फ़रदीन की जगह ले ली है अक्षय कुमार ने, जो इस फ़िल्म के निर्देशक अब्बास-मस्तान के चेहेते कलाकार हैं. रेस में सैफ़ और अक्षय के अलावा अनिल कपूर, बिपाशा बसू, कटरीना कैफ़ और मल्लिका शेरावत भी हैं. ------------------------------------------------------------------------------- प्यारा घोंसला हाल ही में अनुपम खेर और बोमन ईरानी की फ़िल्म खोसला का घोंसला की एक ट्रॉयल शो रखी गई थी. जिसमें पत्रकारों को आमंत्रित किया गया था.
इस फ़िल्म को देखकर सब ख़ुश हो गए क्योंकि ये बड़ी सच्चाई से बनाई गई फ़िल्म है. जयदीप साहनी इस फ़िल्म के लेखक हैं. जिन्होंने इससे पहले कंपनी के साथ-साथ बंटी और बबली जैसी फ़िल्में लिखी हैं. खोसला का घोंसला में उनकी लेखनी ने कमाल किया है. प्रवीण डबास, तारा शर्मा, रणवीर शूरी और किरण जुनेजा ने भी अनुपम और बोमन ईरानी की तरह बहुत बढ़िया काम किया है. शो के बाद अनुपम ने बताया कि इस फ़िल्म की शूटिंग के दौरान फ़िल्म के सारे कलाकार एक-दूसरे के काफ़ी क़रीब आ गए. कलाकारों को इस फ़िल्म में काम करने में इतना मज़ा आया जितना पहले कभी ना आया होगा और ना कभी आगे आ सकता है. ये फ़िल्म क़रीब दो सालों तक वितरकों के लिए अटकी रही. लेकिन जब यूटीवी ने इस फ़िल्म को देखा तो उसने इसके सारे राइट्स ख़रीद लिए. इस फ़िल्म के निर्देशक हैं- दिवाकर बैनर्जी. ----------------------------------------------------------------------------------- क्योंकि ये एकता की पार्टी थी टीवी सीरियलों की जान और सास-बहुओं वाली कहानी की अगुआ मानी जाने वाली एकता कपूर ने पिछले दिनों अपने भव्य घर में एक शानदार पार्टी रखी.
पार्टी थी निर्देशक अपूर्व लाखिया के सालगिरह की. अपूर्व लाखिया एकता कपूर की नई फ़िल्म शूटआउट ऐट लोखंडवाला के निर्देशक हैं. एकता कपूर ये फ़िल्म संजय गुप्ता के साथ मिलकर बना रही हैं. पार्टी में फ़िल्म और टेलीविज़न की दुनिया के लोग तो थे ही, साथ ही फ़ैशन की दुनिया की भी हस्तियाँ नज़र आईं. जो लोग एकता को जानते हैं वे यह भी जानते हैं कि एकता की पार्टी रात 10 बजे से पहले शुरू नहीं होती. 12 बजे तो पार्टी में रंग जमना शुरू होता है. ख़ुद एकता भी तो इस पार्टी में 12 बजे पहुँचीं. पार्टी में गाना, डांस, मस्ती, खाना-पीना सब कुछ था. और जानते हैं पार्टी कितने बजे तक चली- सुबह के चार बजे थे. क्यों... क्योंकि ये एकता की पार्टी थी. ------------------------------------------------------------------------------ बस एक घंटे लेट जूही चावला ख़ुद की फ़िल्म बस एक पल के प्रीमियर पर एक घंटे देर से पहुँचीं. आप ऐसा मत सोचिए कि फ़िल्म की शूटिंग पर देर से पहुँचने की आदत के कारण सितारे तो ऐसा करते ही रहते हैं.
दरअसल ग़लती जूही की नहीं थी. हुआ यों कि प्रीमियर के दिन अचानक इतनी बारिश हो गई कि हर सड़क, हर गली और हर नुक्कड़ पर ट्रैफ़िक जाम था. अब जूही के घर और प्रीमियर वाले मल्टीप्लेक्स में एक घंटे का फ़ासला था. लेकिन बारिश के कारण उस दिन जूही को घर से मल्टीप्लेक्स पहुँचने में लग गए पूरे दो घंटे. ज़ाहिर है शो शुरू हो चुका था लेकिन जूही जब आईं, उन्हें देखने के लिए जनता की भीड़ लग गई. जैसे किसे ने कहा, "बस एक पल के लिए बस एक घंटे लेट" (कोमल नाहटा का फ़िल्म कॉलम आपको कैसा लग रहा है. आप हमें hindi.letters@bbc.co.uk पर लिख भेजिए.) |
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