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किरण देसाई बुकर के लिए नामित | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय महिला लेखक किरण देसाई सहित छह लेखकों को वर्ष 2006 के बुकर पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है. जानी-मानी लेखिका अनीता देसाई की बेटी किरण को उनकी पुस्तक ‘द इनहैरिटेंस ऑफ लॉस’ के लिए चुना गया है. इसमें उन्होंने एक नाराज़ न्यायाधीश की कहानी लिखी है जो उत्तर-पूर्वी हिमालय पर रह रहा है. किरण देसाई के अलावा इस पुरस्कार के लिए सारा वॉटर्स, केट ग्रेनविले, एमजे हेलैंड, हिशम मातर और एडवर्ड अयुबन का नाम भी इस सूची में शामिल हैं. इस पुरस्कार के तहत 50 हजार पाउंड यानी तक़रीबन 40 लाख रूपए की राशि दी जाएगी. पुरस्कार की घोषणा 10 अक्तूबर को की जाएगी. पिछले महीने नामांकित लेखकों में शामिल होने वाले ब्रिटिश लेखक डेविड मिशेल का नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं किया गया है जबकि वेल्श की उपन्यासकार सारा वॉटर्स को इसमें शामिल किया गया है. इससे पहले 2002 के लिए भी उनका नामांकन किया गया था. वॉटर्स को पंसदीदा लेखकों में 6-4 मत मिलने से वह अंतिम सूची में शामिल होने में कामयाब रहीं. इस पुरस्कार के लिए नामांकित किए गए सभी छह लेखकों को 2,500 पाउंड की राशि दी जाएगी. 19 विभिन्न श्रेणियों में शामिल लेखकों की लंबी सूची में से इन छह लेखकों का चुनाव किया गया. प्रभावशाली साहित्य इस साल की निर्णायक समिति के अध्यक्ष हरमोइन ली ने कहा, "इन सभी के उपन्यासों में वह सब कुछ हमें देखने को मिला जो हम चाहते थे. ये सभी उपन्यास कल्पना की ऐसी उड़ान भरते हैं जो पाठकों को मन को गहरे तक प्रभावित करती हैं. इन सभी लेखकों में कहानी कहने की गहरी क्षमता है." हरमोइन ली के अनुसार, "ये सभी उपन्यास आपको एक ऐसी दुनिया में ले जाते हैं जहाँ आपके पास कोई सवाल नहीं होता या जब आप इन्हें पढ़ते हैं तो विश्वास नहीं कर पाते. ये पाठक के मन पर इतना गहरा प्रभाव छोड़ते हैं जो लंबे समय तक पाठक को घेरे रहता है." पिछले वर्ष का बुकर अवार्ड आयरलैंड के लेखक जॉन बेनविले को उनकी पुस्तक ‘द सी’ के लिए दिया गया था. इस वर्ष नामांकित होने वाले लेखकों में सारा वॉटर्स ही ऐसी लेखिका हैं जिन्हें पहले भी नामांकित किया गया है. नामांकित लेखकों में हिशम मातर नए लेखक हैं. उन्हें उनकी पहली पुस्तक ‘इन द कंट्री ऑफ मैन’ के लिए चुना गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें सलमान रुश्दी बुकर की दौड़ से बाहर09 सितंबर, 2005 | पत्रिका कादरे को अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार03 जून, 2005 | पत्रिका समलैंगिकों की कहानी को बुकर पुरस्कार20 अक्तूबर, 2004 | पत्रिका 'किताबें कुछ कहना चाहती हैं'29 जनवरी, 2006 | पत्रिका मूढ़ी बेचकर साहित्य साधना24 जून, 2005 | पत्रिका मारकेज़ के उपन्यास की जाली प्रतियाँ20 अक्तूबर, 2004 | पत्रिका सराहा जा रहा है सरहद पार का साहित्य25 अगस्त, 2004 | पत्रिका | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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