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दिल्ली में शुरू हुआ फ़ैशन का मेला | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली के एक पाँच सितारा होटल में मॉडलों और डिज़ाइनरों की चमक-दमक से सराबोर इंडिया फ़ैशन वीक का आयोजन बुधवार से शुरू हो गया है. भारत के फ़ैशन जगत का यह सबसे बड़ा आयोजन अगले पाँच दिनों तक राजधानी में अपनी धूम मचाता रहेगा. हर वर्ष सालाना आयोजन के रूप में होने वाले फ़ैशन वीक को इस बार से ही वर्ष में दो बार आयोजित करने का फ़ैसला लिया गया था. 'स्प्रिंग-समर, 06' की थीम पर हो रहे इस समारोह में देश के चार दर्जन से भी ज़्यादा नामी डिज़ाइनर हिस्सा ले रहे हैं. इनमें जेजे वालया, रोहित बल, मनीष अरोड़ा, तरुण ताहिलियानी, जतिन कोचर, शांतनु-निखिल, वरुण बहल, रीना ढाका, रॉकी एस और मनोविराज खोसला जैसे जाने-माने फ़ैशन डिज़ाइनर भी शामिल हैं. इस समारोह का आयोजन फ़ैशन डिज़ाइन काउंसिल ऑफ़ इंडिया की ओर से किया गया है. बाज़ार की दरकार आयोजकों का मानना है कि जिस तेज़ी से भारतीय डिज़ाइनरों की पहचान दुनिया के फ़ैशन जगत में बनी है, उसके बाद इस तरह के आयोजनों को वर्ष में दो बार करने से फ़ैशन बाज़ार में इनका दखल बढ़ेगा. अनुमान है कि पिछले आयोजनों की तुलना में इस बार कारोबार और भी बेहतर होगा. हालांकि अंतरराष्ट्रीय जगत में अभी तक भारतीय फ़ैशन जगत को एक स्थाई उद्योग का दर्जा हासिल नहीं हो सका है पर कुछ यूरोपीय देशों के अलावा खाड़ी के देशों से इन्हें अच्छे रुझान मिले हैं. पिछले कुछ वर्षों से इस तरह के आयोजन कर रहा यह काउंसिल पहले लैक्मे के साथ इन फ़ैशन समारोहों का आयोजन करता था पर पिछले वर्ष के आयोजन के बाद पैदा हुए विवाद के कारण अब दोंनों की ओर से अलग-अलग आयोजन किया जा रहा है. लैक्मे अब काउंसिल के आयोजनों के प्रायोजक के रूप में नहीं है और इस बार के आयोजन के लिए यह जगह ली है विल्स लाइफ़ स्टाइल और नोकिया जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने. |
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