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दो फुट पाँच इंच का हीरो | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उनका क़द सिर्फ़ दो फुट पाँच इंच हैं यानी लगभग (76 सेंटीमीटर) और वज़न 28 किलो मगर वो एक लोकप्रिय फ़िल्म स्टार हैं जिनका नाम है अजय कुमार. दक्षिण भारतीय फ़िल्मों के जाने माने अभिनेता अजय कुमार ने हीरो की अवधारणा को ही बदलकर रख दिया है. जहाँ आम तौर पर हीरो के रुप में एक बलिष्ठ क़द काठी के ऐसे सुंदर नौजवान की कल्पना की जाती है जो सबकुछ करने में सक्षम होता हैं वहीं अजय कुमार क़द काठी में ठिगने हैं लेकिन फिर भी हैं हीरो. हीरो के तौर पर अपनी पहली फ़िल्म अदभुत द्वीप में अजय घोड़े दौड़ाते हैं, लड़ाई करते हैं और तो और हीरोईन के साथ बगीचों में गाना भी गाते हैं. भारतीय सिनेमा के संभवत: सबसे छोटे हीरो अजय कहते हैं, "मुझे लगता है कि हीरो की छवि अब बदल गई है. मैं ग्लैमरस नहीं हूँ जैसे कि और सुपरस्टार हैं लेकिन लोगों ने मेरे अंदर के अभिनेता को पहचाना है." निर्देशक विनयन इस 28 वर्षीय अभिनेता की तारीफ़ करते नहीं थकते. वो कहते हैं, "जब अजय मेरे पास रोल मांगने आया था तो मैं उस पर हँसा था और उसका मज़ाक उड़ाया. फिर मैंने उनसे पूछा कि शादी के बारे में उनका क्या सोचना है तो अजय ने कहा कि वो लंबी लड़की से शादी करना चाहते हैं." विनयन कहते हैं कि अजय के इस जवाब से वो इतना मोहित हुए कि अदभुत द्वीप में उन्हें बतौर हीरो ले लिया. अदभुत द्वीप में 350 नाटे लोग काम कर रहे हैं और फ़िल्म की कहानी एक ऐसे नाटे राजकुमार की है जो लंबी राजकुमारी से ब्याह करना चाहता है.
अजय इससे पहले 18 फ़िल्मों में काम कर चुके हैं. कुछ ही दिन में बतौर हीरो उनकी तमिल फ़िल्म दिनसुम भी आ रही है. सपनों की रानी अजय का क़द भले ही छोटा हो और फ़िल्म में भी उन्हें राजकुमारी न मिलती हो, असली जीवन में उन्हें अपने सपनों की रानी मिल गई है. अजय ने हाल ही में शादी की है 19 वर्षीय गायत्री से जिनका क़द है पाँच फुट दो इंच यानी अजय से लगभग दो गुना. गायत्री कहती हैं, "हमारी शादी घरवालों ने की लेकिन मुझे किसी ने शादी के लिए मज़बूर नहीं किया. मैं अजय के साथ सुरक्षित महसूस करती हूँ." अजय ने शादी से पहले गायत्री से तीन चार घंटे सवाल-जवाब किए थे. वो कहते हैं, "सामान्य क़द की लड़की से शादी करने का मेरा सपना कॉलेज के दिनों से था. मैं चाहता हूँ कि मेरी ज़िदगी अच्छी हो और हमारे बच्चे भी सामान्य क़द के हों." संघर्ष का जीवन अजय की माँ बताती है कि जब अजय पैदा हुए थे तो उन्हें बड़ा झटका लगा था और उन्होंने इस समय केवल इतनी प्रार्थना की थी कि अजय अपने पैरों पर चल सके. उनकी प्रार्थना भगवान ने सुन ली. शायद तभी अजय ने चार साल की उम्र में ही तमिलनाडु के सुब्रमण्य मंदिर की एक हज़ार से अधिक सीढ़ियाँ चढ़ लीं. बचपन से ही अभिनय के क्षेत्र में हाथ आज़माना शुरु किया. स्टेज पर लोग उनकी प्रतिभा से खुश होते थे. अजय के पिता पेशे से टैक्सी ड्राइवर हैं और वो कहते हैं कि अजय ने बचपन से ही पैसे कमाने शुरु किए और इतना कमाया कि उसकी दोनों बहनों की अच्छे घरों में शादी हो पाई. भारत में अजय हीरो बन चुके हैं लेकिन अब उनकी नज़र हॉलीवुड पर है. | इससे जुड़ी ख़बरें हैरी पॉटर पाँचवीं सबसे कमाऊ फ़िल्म25 फ़रवरी, 2006 | मनोरंजन आमिर ने 21 करोड़ का दावा ठोका26 फ़रवरी, 2006 | मनोरंजन 'नौजवानों को गुमराह कर रही हैं फ़िल्में'08 मार्च, 2006 | मनोरंजन भारतीय फ़िल्मों की आवाज़ के 75 बरस14 मार्च, 2006 | मनोरंजन रीमेक पर पिल पड़ा है बॉलीवुड26 मार्च, 2006 | मनोरंजन फ़िल्मी पर्दे पर दिखेगा सिम्पसन परिवार01 अप्रैल, 2006 | मनोरंजन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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