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न्यूयॉर्क में ऑस्कर ट्रॉफ़ियों की प्रदर्शनी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इस साल दी जाने वाली ऑस्कर ट्रॉफ़ियों को अमरीका के न्यूयॉर्क शहर में प्रदर्शनी के लिए रखा गया है. सोने की चादर वाली इन 50 ट्रॉफ़ियों की प्रदर्शनी मशहूर टाइम्स स्क्वेयर पर चल रही है. ये पहली बार है जब ऑस्कर ट्रॉफ़ियों को इस तरह प्रदर्शित किया गया है. अकेडेमी ऑफ़ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज़ को उम्मीद है कि वो प्रदर्शनी से लोगों में इस साल के पुरस्कारों के प्रति रुचि बढ़ा पाएगी. अकादमी के संयोजक रैंडी हैबरकेंप ने कहा, "इस तरह का प्रदर्शन रोज़ रोज़ देखने को नहीं मिलता. अगर आपके किसी करीबी ने ऑस्कर नहीं जीता है तो इस बात की संभावना कम ही है कि आप ऑस्कर ट्रॉफ़ी इतने करीब से देखें." हर ट्रॉफ़ी 13.5 इंच लंबी है और इसका वज़न आठ पाउंड है. हर ऑस्कर ट्रॉफ़ी को बनाने में लगभग 400 डॉलर का खर्च आता है. इन्हें बनाने में स्टील मिश्रित ब्रिटेनियम का इस्तेमाल होता है. बाद में इन पर 24 कैरेट सोने का चादर लगाई जाती है. जाने माने अभिनेता एंथनी हॉपकिंस भी इस प्रदर्शनी को देखने आ चुके हैं. प्रदर्शनी देखने आए मार्शिया फ़ोकस ने कहा, "ये काफ़ी चमकीली हैं और इस बार काफ़ी बेहतर तरीके से बनी हुई लगती हैं. जो लोग न्यूयॉर्क से बाहर के हैं उनके लिए ये प्रदर्शनी काफ़ी अच्छी है." ट्रॉफ़ियों को एक फ़रवरी तक न्यूयॉर्क में रखा जाएगा जिसके बाद इन्हें लॉस एंजल्स ले जाया जाएगा. ऑस्कर पुरस्कार समारोह पाँच मार्च को होगा. | इससे जुड़ी ख़बरें ऑस्कर की सरगर्मी, दर्शकों की समस्या01 जनवरी, 2006 | मनोरंजन 'ऑस्कर पर नज़रिया बदलना चाहिए'17 अक्तूबर, 2005 | मनोरंजन पहेली ऑस्कर के लिए भारत की प्रविष्टि26 सितंबर, 2005 | मनोरंजन गुमनाम बच्चों को मिली पहचान02 मार्च, 2005 | मनोरंजन इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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