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अमिताभ ने जन्मदिन नहीं मनाया
अमिताभ बच्चन
अमिताभ बच्चन ने कामयाबी की कई मंज़िले तय की हैं
अमिताभ बच्चन ने भूकंप के कारण हुई हज़ारों मौतों को देखते हुए इस साल अपना जन्मदिन नहीं मनाने का फ़ैसला किया.

अमिताभ बच्चन मंगलवार को 63 साल के हो गए हैं

पत्रकारों से बातचीत में अमिताभ ने कहा, "परिवार के कुछ लोग छोटा सा समारोह आयोजित करना चाहते थे लेकिन मैंने स्थगित कर दिया क्योंकि जम्मू कश्मीर और हमारा पड़ोसी देश पाकिस्तान एक बड़ी त्रासदी का शिकार हुए हैं."

हालांकि उनके प्रशंसक इससे पीछे नहीं हटे हैं और एक सज्जन दिल्ली से मुंबई तक साइकिल से सफ़र तय कर उन्हें बधाई देने पहुँचे हैं. तो एक अन्य सज्जन उन्हें कई किलोमीटर लंबा खत लिखकर भेजना चाहते हैं.

हर साल के साथ अमिताभ बच्चन के प्रशंसकों में बड़ी संख्या में बढ़ोत्तरी हो जाती है लेकिन इस मुकाम तक पहुँचने में अमिताभ बच्चन को एक लंबा सफ़र तय करना पड़ा है.

इस सफ़र के दौरान कई उतार-चढ़ाव आए. एक मौक़ा तो ऐसा आया कि फ़िल्म शूटिंग के दौरान लगी चोट उनके लिए जान का ख़तरा बन गई थी.

अमिताभ बच्चन को फ़िल्मों में अपनी जगह बनाने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा था.

एक वक़्त ऐसा भी था जब अमिताभ बच्चन फिल्मों में अभिनय करने की उम्मीदें छोड़ चुके थे. तब उनके पारिवार के मित्र ख़्वाज़ा अहमद अब्बास एक फ़िल्म बना रहे थे 'सात हिंदुस्तानी', जिसमें अनेक कलाकारों की ज़रूरत थी.

बस उसी में अमिताभ बच्चन को अभिनय करने का मौक़ा मिल गया. लेकिन आगे का सफ़र भी कोई आसान नहीं था.

संघर्ष

कई कोशिशों और विफलताओं के बाद उन्हें पहली कामयाबी 'ज़ंजीर' के रुप में मिली.

अमिताभ बच्चन
अमिताभ बच्चन को सफलता के लिए संघर्ष करना पड़ा था

इस फ़िल्म ने न सिर्फ कामयाबी के नए रिकॉर्ड बनाए, बल्कि अमिताभ को एंग्री यंग मैन एक नई छवि भी दी. इस छवि के सहारे वे कामयाबी की नई सीढ़ियाँ चढ़ते गए.

'दीवार', 'मजबूर', 'त्रिशूल', 'अमर अकबर एंथनी', 'मिली', 'चुपके-चुपके', 'अभिमान', 'सिलसिला', 'शराबी' और 'शक्ति' जैसी फ़िल्मों ने अमिताभ को अभिनय के नए आयाम छूने का मौक़ा दिया.

फिल्म 'शक्ति' को उनकी एक नई कामयाबी के रूप में देखा गया.

यह फिल्म इसलिए काफ़ी चर्चित हुई क्योंकि उसमें दिलीप कुमार और अमिताभ बच्चन पहली बार एक साथ पर्दे पर आए और इसलिए भी क्योंकि दोनों को ही महान अभिनेता माना जाता है.

फिल्म 'कुली' की शूटिंग के दौरान चोट लगने से उनके जीवन के लिए ख़तरा पैदा हो गया था.

टीवी से वापसी

1990 के दशक में ख़ुद से आधी उम्र की नायिकाओं के साथ नायक की भूमिकाएं करने के लिए अमिताभ बच्चन की आलोचना भी हुई.

अमिताभ बच्चन प्रशंसकों के साथ
अमिताभ का जादू अब भी बना हुआ है

उसके कुछ समय बाद अमिताभ बच्चन ने 'कौन बनेगा करोड़पति' कार्यक्रम के साथ टेलीविज़न की दुनिया में क़दम रखा और एक नई कामयाबी हासिल की.

अब वे एक बार फिर कौन बनेगा करोड़पति-द्धितीय के साथ छोटे पर्दे पर नज़र आ रहे हैं.

अमिताभ बच्चन राजनीति में क़दम रखने के लिए इलाहाबाद से लोक सभा का चुनाव लड़ा और भारी बहुमत से कामयाब भी हुए.

लेकिन विवादों के बाद अमिताभ बच्चन ने राजनीति से नाता तोड़ लिया.

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