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अमिताभ बच्चन की टीवी पर वापसी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
टेलीविज़न पर शुक्रवार से एक बार फिर अमिताभ बच्चन नज़र आने जा रहे हैं. एक बार फिर 'कौन बनेगा करोड़पति' के साथ उनकी वापसी हो रही है. लेकिन इस बार वो 'उम्मीद से दोगुना' के नारे के साथ मैदान में हैं. इस बार कार्यक्रम में जीत की रकम दो करोड़ कर दी गई है. हालांकि इसके सेट्स में कोई खास परिवर्तन नहीं किया गया है. ग़ौरतलब है कि यह कार्यक्रम 'हू वांट्स टू बी मिलेनियर' का हिंदी रूपांतरण है.अमिताभ बच्चन जब गर्दिश में थे तो उन्हें इसी कार्यक्रम ने उबारा था. अमिताभ बच्चन ने एक लंबा सफ़र तय किया है. ये शायद कम लोग ही जानते हैं कि अमिताभ बच्चन को फ़िल्मों में अपनी जगह बनाने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा था. एक वक्त ऐसा भी था जब अमिताभ बच्चन फिल्मों में अभिनय करने की उम्मीदें छोड़ चुके थे. तब उनके परिवार के मित्र ख़्बाज़ा अहमद अब्बास एक फ़िल्म बना रहे थे 'सात हिंदुस्तानी', जिसमें अनेक कलाकारों की ज़रूरत थी. सफ़र बस उसी में अमिताभ बच्चन को अभिनय करने का मौक़ा मिल गया. कई कोशिशों और विफलताओं के बाद उन्हें पहली कामयाबी 'ज़ंजीर' के रुप में मिली. इस फ़िल्म ने न सिर्फ कामयाबी के नए रिकॉर्ड बनाए, बल्कि अमिताभ को एक नई छवि भी दी. ये छवि थी एंग्री यंग मैन की छवि. इस छवि के सहारे वे कामयाबी की नई सीढ़ियाँ चढ़ते गए. इस सफ़र के दौरान कई उतार-चढ़ाव आए. एक मौक़ा तो ऐसा आया कि फ़िल्म शूटिंग के दौरान लगी चोट उनके लिए जान का ख़तरा बन गई. 1990 के दशक में ख़ुद से आधी उम्र की नायिकाओं के साथ नायक की भूमिकाएं करने के लिए अमिताभ बच्चन की आलोचना भी हुई. उसके कुछ समय बाद अमिताभ बच्चन ने 'कौन बनेगा करोड़पति' कार्यक्रम के साथ टेलीविज़न की दुनिया में क़दम रखा और एक नई कामयाबी हासिल की. |
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