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कला के नाम पर हज़ारों हुए नंग-धड़ंग | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आज के ज़माने में कला के नाम पर क्या-क्या नहीं होता. अब फ़्रांस के लियों शहर को ही लीजिए. यहाँ कला के नाम पर क़रीब डेढ़ हज़ार लोग नंगे हो गए. इनमें महिलाएँ भी शामिल थीं. पौ फटने से पहले इन हज़ारों नंगे लोगों का जमावड़ा सिर्फ़ इसलिए था कि न्यूयॉर्क के कलाकार स्पेन्सर ट्यूनिक के कैमरे में ये क़ैद हो सकें. दरअसल ट्यूनिक ने दुनियाभर में नंगी तस्वीरें खींची हैं और इसी कारण वे सुर्ख़ियों में भी रहे हैं. अब लियों के लोगों को भी नंग-धड़ंग ट्यूनिक के कैमरे में क़ैद होना था, तो उन्हें कौन रोकता. कला के नाम पर नंगे हुए इन लोगों को पोज समझा रहे थे क्रेन पर बैठे स्पेन्सर ट्यूनिक. लियों बंदरगाह के पास इन लोगों को अपने हाथ-पाँव ऊपर उठाने को भी कहा गया. तो एक बार ट्यूनिक ने नदी के किनारे इन लोगों को खड़ा करके अपने कैमरे के फ़्लैश चमकाए. ट्यूनिक अपना अजीबोग़रीब कारनामा न्यूयॉर्क, बेल्जियम, बार्सिलोना, ब्राज़ील के साथ-साथ लंदन में भी कर चुके हैं. हिस्सेदारी ट्यूनिक के इस फोटो सेशन में हर उम्र के पुरुष और महिलाओं ने हिस्सा लिया. इनमें से ज़्यादातर लोग तो लियों के ही थे लेकिन आसपास के इलाक़ों से भी लोग इकट्ठा हुए थे.
सुबह साढ़े चार बजे से ही ये लोग इकट्ठा होना शुरू हो गए थे. क्रेन पर चढ़े ट्यूनिक ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वे इस बंदरगाह को व्यापार के रहस्यों का प्रतीक मानते हैं. जैसे ही सूरज की पहली किरण ज़मीन पर पड़ी, लोग नंगे होना शुरू हो गए और ट्यूनिक के निर्देशों का पालन करने लगे. बाद में जब लोगों से इस बारे में सवाल पूछे गए तो लोगों का कहना था कि वे अनुभव और कला के लिए ये सब कर रहे थे. इस फोटोग्राफ को इस साल नवंबर में लियों में प्रदर्शित किया जाएगा. 38 वर्षीय ट्यूनिक ने दुनिया का सबसे बड़ा नंग-धड़ंग फोटो सेशन बार्सिलोना में जून 2003 में किया था. उस समय ट्यूनिक के कैमरे में क़ैद होने के लिए सात हज़ार लोगों की भीड़ जुटी थी. |
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