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कला के नाम पर फिर कपड़े उतारे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सार्वजनिक स्थानों पर निर्वस्त्र लोगों की तस्वीरें उतारने वाले चर्चित फ़ोटोग्राफ़र स्पेंसर ट्यूनिक ने एक बार फिर निर्वस्त्र लोगों को सड़कों पर उतारा. इस बार ब्रिटेन के न्यूकासल और गेटशेड में 1700 पुरुषों और महिलाओं की तस्वीरें उतारी गईं. वह भी सुबह चार बजे की ठंड में. इस तस्वीर का शीर्षक था 'नैकेड सिटी' यानी नग्न शहर. इसके बाद इसी विषय पर न्यूयॉर्क, बार्सिलोना, बेल्जियम और ब्राज़ील में इसकी शूटिंग की जानी है. गेटशेड के बाल्टिक सेंटर ने इस प्रयोग के बारे में कहा, "लोगों के निर्वस्त्र शरीरों को शहरों की पृष्ठभूमि में मूर्तियों की तरह उपयोग में लाया जाएगा." सेंटर ने कहा, "इन चित्रों से नग्नता और निजता को लेकर पारंपरिक विचार और कला को लेकर राजनीतिक और सामाजिक सोच को चुनौती मिलेगी." इस फ़ोटोग्राफ़ी के लिए ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम और पेरु आदि से लोग कार्यकर्ता के रुप में अपना नाम दर्ज करवा रहे हैं.
एडिनबरा की 34 वर्ष की कैली डेनियल्स ने इसके बारे में कहा, "इस तरह का माहौल में संकोच का न होना अपने आपमें आश्चर्यजनक था क्योंकि मैं आमतौर पर स्कर्ट की जगह पैंट इसलिए पहनती हूँ ताकि किसी को मेरा पैर न दिखाई दे." इस फ़ोटोग्राफ़ी में भाग लेने वाली लेक्चरर फ़िओना जेमिसन ने कहा कि इन तस्वीरों को लेकर सेक्स की कोई बात नहीं की जा सकती. बीबीसी के एक चैनल पर इसका प्रसारण भी होना है. हालांकि यह ट्यूनिक का सबसे बड़ा प्रयोग नहीं था. इससे पहले वे बार्सिलोना में जून 2003 में 7000 कार्यकर्ताओं ने निर्वस्त्र होकर तस्वीर खींची गई थी. |
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