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कलाकृति ने आठ लाख लीटर पानी बहाया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जलापूर्ति कंपनी की शिकायत के बाद एक कलाकार ने लंदन की कला दीर्घा में स्थापित अपनी कलाकृति को समेटने का फ़ैसला किया है. कलाकृति पर जलापूर्ति कंपनी टेम्स वाटर को आपत्ति है. आपत्ति हो भी क्यों नहीं. दरअसल कलाकृति और कुछ नहीं बल्कि लगातार बह रहा एक नलका है. इस कलाकृति का नाम भी सीधा सादा है- द रनिंग टैप. पेयजल की इस बेहिसाब बर्बादी को देखते हुए टेम्स वाटर ने कलाकार मार्क मैकगोवन के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की धमकी दे डाली. मैकगोवोन ने मज़बूरन शुक्रवार से अपनी कलाकृति समेट लेने का फ़ैसला किया है. हालाँकि अब भी उनका कहना है, "हर कोई पानी बर्बाद कर रहा है. मैने तो फिर भी एक कलाकृति बनाई है." उनका कहना है कि उनकी कलाकृति लोगों को पानी के महत्व के बारे में जागरूक करती है. लेकिन कलाकृति समेटने का फ़ैसला होते-होते लंदन की कला दीर्घा हाउस गैलरी में स्थापित इस टोंटी से आठ लाख लीटर पानी नाली में बह भी चुका है. बिन पानी सब सून उल्लेखनीय है कि टेम्स वाटर कंपनी इस बार गर्मियों में पानी कि किल्लत से जूझ रही है. आठ साल में पहली बार कंपनी को आपातकालीन परिस्थितियों के लिए बचा कर रखे गए अपने जल संग्रह से पानी की आपूर्ति करनी पड़ी है. कंपनी ने मैकगोवन के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई और आर्ट गैलरी की जलापूर्ति बंद करने की धमकी दी तब जाकर बात बनी. मैकगोवन की कलाकृति ने न सिर्फ़ टेम्स वाटर कंपनी को चिढ़ाया बल्कि कला दीर्घा में आए कई दर्शक भी नलके को बंद करके अपना ग़ुस्सा उतार चुके हैं. मैकगोवन पहले भी लंदन की सड़कों पर नाक से मूँगफली लुढ़का कर और पाँव के अंगूठे से बस खींच कर चर्चित हो चुके हैं. |
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