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बनारस में बुनी गई एक प्रेम कहानी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
'बनारस- ए मिस्टिक लव स्टोरी' को बनारस की पृष्ठभूमि पर अब तक बनी फ़िल्मों से अलग बताया जा रहा है. बॉलीवुड को ‘चालबाज’ और ‘जलवा’ जैसी हिट फिल्में देने वाले निर्देश पंकज पराशर की इस नई फिल्म में बनारस की गलियों, घाटों और मंदिरों को एक प्रेम कहानी में पिरोया गया है. हाल में ही उन्होंने बनारस में इस फ़िल्म की 45 दिनों की शूटिंग पूरी की है. फ़िल्म की 90 फ़ीसदी से ज्यादा शूटिंग बनारस में हुई है. बाकी हिस्से मारीशस में फिल्माए गए हैं. फ़िल्म की शूटिंग पूरी हो गई है और अब संपादन के बाद इसे नवंबर में रिलीज करने की योजना है. आठ करोड़ की लागत वाली इस फ़िल्म में नसीरुद्दीन शाह, डिंपल कपाड़िया, उर्मिला मातोंडकर, अस्मित पटेल और आकाश खुराना ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई हैं. इसके निर्माता हैं एलसी सिंह जो एक सूचना तकनीक कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी हैं. निर्देशक पंकज पराशर बताते हैं, "फिल्म में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में भौतिक विज्ञान की छात्रा उर्मिला को संगीत शिक्षक अस्मित पटेल से प्यार हो जाता है. उसके बाद दो पीढ़ियों में सिद्धांतों का टकराव शुरू होता है." वे कहते हैं, "यह दो वर्गों के बीच रोमांस की कहानी है. लेकिन बनारस की पृष्ठभूमि में होने के कारण यह एक अलग ही रूप अख्तियार कर लेती है." कोई बवाल नहीं फ़िल्म की शूटिंग बीएचयू परिसर के अलावा सारनाथ, कबीर मठ, तुलसीदास की हवेली, विश्वनाथ मंदिर, अस्सी घाट और कचौड़ी गली समेत कई ऐतिहासिक स्थानों पर की गई है. पराशर बताते हैं, "फ़िल्म में 40 फीसदी दृश्य गंगा के हैं. यह फिल्म एक प्रेम कथा है, लेकिन यह अस्तित्ववाद, भौतिकवाद और विज्ञानसम्मत तर्कों की अपनी तरह से व्याख्या भी करती है." फ़िल्म के पांच गाने बनारस घराने से जुड़े हैं. पराशर बताते हैं कि बनारस में किसी विवाद से बचने के लिए उन्होंने शूटिंग से छह महीने पहले ही बीएचयू के छात्रों और स्थानीय लोगों को फिल्म की पटकथा की प्रतियां दे दीं. बाद में उनको सेट पर बुलाकर उनसे सुझाव भी मांगे. दीपा मेहता की फ़िल्म वाटर के समय बनारस में खासा बवाल हुआ था. |
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