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एक नई लड़की जो 'बोल्ड' भी है | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़िल्मकार केसी बोकाड़िया अपनी नई फ़िल्म 'बोल्ड' में एक नई हीरोइन को पेश करने जा रहे हैं. अभिनेत्री तन्वी वर्मा का कहना है, "इस फ़िल्म की हीरोइन हर तरह से बोल्ड है. अपनी सोच में भी..." 'मर्डर', 'हवस' और 'गर्लफ़्रैंड' जैसी फ़िल्में भी लीक से हट कर बनी थीं और बॉक्स ऑफ़िस पर काफ़ी कामयाब रही थीं. केसी बोकाड़िया को इस फ़िल्म से भी बहुत उम्मीदें हैं. वह कहते हैं कि यह फ़िल्म इस बात को ध्यान में रख कर बनाई जा रही है कि आज समाज में महिलाओं के साथ किस तरह का सुलूक हो रहा है. उनका कहना है कि फ़िल्म महिलाओं के लिए एक संदेश ले कर आएगी-बोल्ड बनो और जीवन अपने तौर पर जिओ. फ़िल्म विश्लेषकों का कहना है कि मल्लिका शेरावत के बाद अब तन्वी वर्मा भी दर्शकों को प्रभावित करने की क्षमता रखती हैं. * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * एक 'बुरा' आदमी ऋतिक? ऋतिक रोशन ने 'लक्ष्य' के बाद कोई फ़िल्म साइन नहीं की है.
असल में उन्हें इंतज़ार था एक ऐसे विषय का जिसमें कुछ अलग कर दिखाने को मिले. और अब लगता है कि उनकी तलाश पूरी हो गई है. आदित्य चोपड़ा ऐसी ही एक फ़िल्म की शुरुआत कर रहे हैं जिसमें हीरो का रोल कुछ-कुछ विलेन नुमा है. यशराज बैनर के तले बनने वाली इस फ़िल्म में ऋतिक को लेने की बात चल रही है. आदित्य चोपड़ा का कहना है कि फ़िल्म की पटकथा पर सहमति हो गई है ऋतिक से इस बारे में बात भी हुई है लेकिन अभी काफ़ी कुछ तय किया जाना है. फ़िल्म यशराज बैनर की ब्लॉकबस्टर रही 'धूम' का अगला हिस्सा मानी जा रही है. * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * अमृता की वापसी जिन लोगों ने 'बेताब', 'मर्द' और 'चमेली की शादी' फ़िल्में देखी हैं वे अमृता सिंह के बेबाक अभिनय से ज़रूर प्रभावित हुए हैं.
सैफ़ अली ख़ान से विवाह के बाद उन्होंने फ़िल्मों को पूरी तरह अलविदा कह दिया था. लेकिन अब इस रिश्ते में दरार आ गई है और दस साल के लंबे अंतराल के बाद अमृता फिर रुपहले परदे का रुख़ करने जा रही हैं. उन्होंने शुरुआत की है एकता कपूर के नए सीरियल 'काव्यांजलि' से. अमृता कहती हैं, "इतने अरसे के बाद कैमरे का सामना करना बड़ा अटपटा लग रहा है क्योंकि मैं अपने प्रशंसकों को निराश नहीं करना चाहती". लेकिन उनका कहना है, "मैं जानती हूँ कि यह शुरू-शुरू की घबराहट है. धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा". अमृता उन लोगों में से हैं जो हर हाल में जीना जानते हैं और दुखों से विचलित नहीं होते. |
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