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'किस' भी किसी-किसी से ही | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
करीना कपूर, समीरा रेड्डी और दिया मिर्ज़ा, ये तीन अभिनेत्रियाँ ऐसी हैं जिन्होंने हाल में अपनी फ़िल्मों में चुंबन के दृश्य फ़िल्माए हैं. इन सभी ने उसे अपने काम का एक हिस्सा समझ कर किया और उसके बाद भूल गईं. लेकिन अंतरा माली कुछ अलग हैं. रामगोपाल वर्मा की नई फ़िल्म 'नाच' में अंतरा और अभिषेक बच्चन पर चुंबन का एक सीन फ़िल्माया गया और बस उसके बाद से अंतरा सातवें आसमान पर हैं. उनका कहना है, "ऐसे सीन मैं पहले भी कर चुकी हूँ लेकिन अभिषेक सबसे अलग हट कर हैं". "उनकी गर्मजोशी का तो कोई जवाब ही नहीं है. मुझे उनके साथ यह सीन करके बहुत अच्छा लगा". अभिषेक को अंतरा का चुंबन ले कर कैसा लगा, यह पता नहीं चल पाया है. * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * पहचान क़ायम करता एक अभिनेता 'ईस्ट इज़ ईस्ट' और 'बॉलीवुड कॉलिंग' की सफलता के बाद 'किंग ऑफ़ बॉलीवुड' ओम पुरी का नया करिश्मा है.
कुछ समय पहले ओबीई से सम्मानित ओम पुरी अंग्रेज़ी फ़िल्मों में तेज़ी से अपनी जगह बनाते जा रहे हैं. हिंदी फ़िल्मों के कई अभिनेका हॉलीवुड गए लेकिन बड़े-बड़े सितारों की चमक-दमक में कहीं खो गए. लेकिन इसे ओम पुरी की तक़दीर कह लीजिए या सूझबूझ कि उन्होंने अपनी सभी फ़िल्मों में अपना एक मुक़ाम हासिल किया. अब इस नई फ़िल्म में ओम पुरी एक बार फिर कॉमेडी करते नज़र आएँगे और उन्हें पूरी उम्मीद है कि दर्शक उनकी इस भूमिका को भी पसंद करेंगे. फ़िल्म की हीरोइन हैं सोफ़ी डाहल जो हॉलीवुड की एक जानी-मानी अभिनेत्री बन चुकी हैं. फ़िल्म का निर्देशन किया है पीयूष झा ने. * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * आमार शोनार बांग्ला... आजकल हिंदी फ़िल्मों के सितारों में बांग्ला फ़िल्मों में काम करने की होड़ सी लगी हुई है.
ऐश्वर्या राय 'चोखेर बाली' में काम करके यह सम्मान हासिल कर ही चुकी हैं और अब कई अन्य जाने-माने सितारे टॉलीवुड का रुख़ कर रहे हैं. इस कड़ी में कुछ नए नाम हैं जैकी श्रॉफ़, सोहा अली और अभिषेक बच्चन के. 'अंतरमहल' नाम की इस फ़िल्म का निर्देशन ऋतोपर्णो घोष ही करेंगे जो 'चोखेर बाली' जैसी सफल फ़िल्म के साथ पहले ही काफ़ी नाम कमा चुके हैं. फ़िल्म की पृष्ठभूमि 19वीं सदी के बंगाल पर आधारित है. अभिषेक बच्चन को बरसों संघर्ष करने के बाद लगता है अब आशा की कुछ किरणें नज़र आने लगी हैं. इस फ़िल्म में भी सुना जा रहा है कि उन्हें अपनी अभिनय क्षमता दिखाने का पूरा मौक़ा मिलेगा. |
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