'लोगो को सिर्फ़ हैंडपंप उखाड़ना दिखा, रोमांस नहीं'

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- Author, श्वेता पांडेय
- पदनाम, मुंबई से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
अभिनेता सनी देओल का कहना है कि दर्शक आज भी मुझे 'हैंडपंप' उखाड़ने वाले हीरो के रूप में जानते हैं न कि एक रोमांटिक हीरो की तरह.
लगभग 15 साल बाद अभिनेता सनी देओल एक बार फिर बतौर निर्देशक वापसी कर रहे हैं. साल 1990 में आई उनकी सुपरहिट फ़िल्म 'घायल' के सीक्वल 'घायल वंस अगेन' में वे अभिनय के अलावा निर्देशन भी कर रहे हैं.
पहले यह फ़िल्म साल 2015 में रिलीज़ होने वाली थी. फिर 15 जनवरी को इसे रिलीज़ करने का फ़ैसला लिया गया पर एक बार फिर इसकी डेट जनवरी से खिसककर फ़रवरी हो गई है.

अपनी इस बहुप्रतिक्षित फ़िल्म के प्रमोशन में जी-जान से जुटे सनी ने बीबीसी से खास मुलाक़ात में बॉलीवुड में अपनी छवि और फ़िल्मों के बदलते दौर पर खुलकर बात की.
किसी फ़िल्म का सीक्वल इतने अरसे बाद आने पर ताज्जुब होता है, लेकिन सनी की मानें तो वह 'घायल' के तुरंत बाद इसका सीक्वल बनाना चाहते थे पर निर्देशक राजकुमार संतोषी तैयार नहीं हुए.
तब बॉलीवुड में सीक्वल का दौर भी नहीं था. सनी कहते हैं, "उस समय किसी फ़िल्म का पार्ट टू या थ्री नहीं बनते थे, लेकिन हॉलीवुड में यह चलन था."

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उन्होंने इसके सीक्वल की दिलचस्प कहानी बयां की, "सबसे पहली मुश्क़िल आई कहानी की, फिर आजकल के हिसाब से कहानी लिखी. फिर ख़ुद ही डायरेक्टर भी बना."
सिनेमा के बदलते स्वरूप और विषय के बारे में वह कहते हैं, ''पहले समाज को पेश किया जाता था, लेकिन अब तो कुछ और ही प्रस्तुत करने का समय चल रहा है. यह दौर युवाओं का है, हमारा कल तो परसों में अटका है.''
फ़िल्म 'घायल' के खलनायक 'बलवंत राय' का उदाहरण देते हुए वह कहते हैं कि इन दिनों कोई भी 'बलवंत राय' नहीं है, सभी ग्रे शेड हैं.

संकोची और शर्मीले स्वभाव के सनी ने फ़िल्म 'घायल' का एक वाकया भी साझा किया. उन्होंने बताया, "प्रेस शो के बाद डिनर था. मैं डिनर पर जाने में बहुत नर्वस हो रहा था."
वे आगे कहते हैं, "लेकिन वहां मुझे देखते ही लोगों ने तालियां बजानी शुरू कर दीं. मेरी तो घिग्घी ही बंध गई."
सनी की पहचान एक्शन हीरो के रूप में होती है. इस बारे में सनी कहते हैं, ''कई डायलॉग ऐसे हैं, जिन्हें किसी और ने बोला है और लोग उसे मेरे नाम से जोड़ देते हैं. जैसे ‘दूध मांगोगे, खीर देंगे, कश्मीर मांगोगे, चीर देंगे.’ यह 'मां तुझे सलाम' का डायलॉग है, जिसे अरबाज़ ने बोला था. ये इंडस्ट्री सभी के साथ एक टैग चिपका देती है. कम ही होंगे, जिन्हें टैग नहीं मिला होगा.''
तो क्या एक्शन हीरो के टैग ने तक़लीफ दी है?

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इसके जवाब में वह कहते हैं, " 'ग़दर' जैसी सिंड्रेला लवस्टोरी को भी लोगों ने एक्शन फ़िल्म क़रार दे दिया."
लोगों को 'तारा' का पंप उखाड़ना तो दिखा, लेकिन वो किसके लिए उखाड़ रहा है, यह नज़र ही नहीं आया."
सनी अपने चिपरिचित अंदाज़ में नज़रें नीचे किए बोलते हैं कि मुझे जब भी पुरस्कार मिलता था, तो मैं हँसता था क्योंकि इंडस्ट्री में लोगों का मानना था कि एक्टिंग मेरे बस की बात नहीं है.

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सनी ने अपने बेटे करण को लॉन्च करने की बात कही लेकिन इस बारे में और बात करने से मना कर दिया.
उनकी बतौर निर्देशक दूसरी फ़िल्म 'घायल वंस अगेन' अब 5 फरवरी को रिलीज़ हो रही है. इसमें सोहा अली खान भी नज़र आएंगी.
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