गजेंद्र को पद छोड़ देना चाहिए: ऋषि कपूर

- Author, मधु पाल
- पदनाम, मुंबई से, बीबीसी हिंदी के लिए
एफ़टीआईआई अध्यक्ष के रूप में गजेंद्र चौहान की नियुक्ति को लेकर विरोध के स्वर थमने का नाम नहीं ले रहे हैं.
अनुपम खेर के बाद इस कड़ी में ऋषि कपूर का नाम भी जुड़ गया है.

इस पूरे मामले पर ऋषि कपूर ने कहा, ''मैं पहले ही यह स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि गजेंद्र से मेरी दुश्मनी नहीं हैं, लेकिन मेरा मानना है कि इतना विरोध होने पर उन्हें ख़ुद ही पद से हट जाना चाहिए. जब एफ़टीआईआई के छात्र आपका खुलेआम विरोध कर रहे हैं और आपकी खिल्ली उड़ाई जा रही है, आपका जुलूस निकला जा रहा है. ऐसे में आपको स्वैच्छिक सेवानिवृति ले लेनी चाहिए.''
वो आगे कहते हैं, ''ऐसे में छात्र आपकी इज़्ज़त नहीं करेंगे.''

इमेज स्रोत, DEVIDAS DESHPANDE
अपने प्रोफेशन का हवाला देते हुए वे कहते हैं, ''हम लोगों के प्रोफेशन में थ्योरी की जगह नहीं है. इस प्रोफेशन में ज्ञान होना बहुत ज़रूरी है. मुझे 44 साल हो गए हैं, फिर भी मैं सीख रहा हूँ.''
ऋषि ने कहा कि शत्रुघ्न सिन्हा, हेमा मालिनी, परेश रावल जैसे विकल्प भी तो थे. ये सब तो यहाँ के छात्र भी थे. आप जबरदस्ती अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज़ नहीं हो सकते. छात्र खुश नहीं रहेंगे, तो आप काम नहीं कर सकते.
ऋषि कपूर से पहले रणबीर कपूर ने भी गजेंद्र चौहान की नियुक्ति पर सवाल उठाए थे. इसके अलावा अभी तक अनुपम खेर, किरण राव, पीयूष मिश्रा, जाहनू बरुआ, पल्लवी जोशी, रसूल पुकुट्टी और रजत कपूर भी गजेंद्र चौहान की नियुक्ति पर अपनी राय व्यक्त कर चुके हैं.
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