'मुझे पिटता देख बुरा मान जाती है वो'

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- Author, मधु पाल
- पदनाम, मुंबई से, बीबीसी हिंदी के लिए
फ़िल्म 'किक' और 'बदलापुर' में नेटेगिव भूमिका निभाने वाले नवाज़ुद्दीन सिद्दिकी की बेटी इन दिनों नाराज़ है.
उनकी बेटी जब इन फिल्मों में अपने पिता को सलमान ख़ान और वरुण धवन के हाथों पिटता देखती है, तो उसे बहुत बुरा लगता है.
नवाज़ुद्दीन कहते हैं, "मेरी बेटी पांच साल की है. फ़िल्मों में जो भी मुझे पीटता है वो उसे गालियां देती है, नाराज़ हो जाती है."
बदलाव
एक वक़्त ऐसा भी था जब नवाज़ुद्दीन एक ब्रेक के लिए तरस रहे थे. लेकिन आज उनके पास फ़िल्मों की कमी नहीं है.

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कामयाबी मिलने के बाद नवाज़ुद्दीन की ज़िन्दगी में क्या बदलाव आया है, इस पर नवाज़ुद्दीन कहते हैं, "पैसों का मोह तो न पहले था और न ही आज है. जो काम करता हूँ उसी का मेहनताना मिल जाए, उससे बड़ी बात क्या हो सकती है मेरे लिए. मैं आज भी सूती शर्ट और मामूली जींस पहनता हूं, किसी ब्रांड पर ध्यान नहीं देता."
वे कहते हैं, "मैं आज भी अपने आपको वही मानता हूँ जो पहले था. मेरा मानना है कि एक्टर के हाथ में हिट और फ्लॉप तो नहीं हैं लेकिन अच्छा काम करने की कोशिश करना हमारे हाथ में है."
टाइपकास्ट
नवाज़ुद्दीन को नकारात्मक किरदार बार-बार निभाने से खलनायक वाली छवि से कोई दिक्कत तो नहीं.
नवाज़ुद्दीन कहते हैं, "नेटेगिव रोल बार बार मिलने का मुझे ज़रा भी डर नहीं हैं क्योंकि आज मुझे हर तरह के किरदार निभाने का मौका मिल रहा है."
उनका कहना है, "कोई भी किरदार किसी दूसरी फ़िल्मों से ज़रा भी मिलता जुलता नहीं दिखेगा. इसलिए मुझे खलनायक की भूमिका निभाने से टाइपकास्ट होने का डर नहीं हैं."
फ़िल्में ठुकराना

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लगातार कई फ़िल्मों के प्रस्ताव आने से नवाज़ुद्दीन को कई बड़े निर्माता और निर्देशकों को 'ना' बोलना पड़ा है.
यहां तक कि 'ना' बोलने के कारण कई लोग उनसे नाराज़ भी हो जाते हैं.
नवाज़ुद्दीन कहते हैं कि, "फ़िल्में ठुकराना मेरी औकात नहीं है और ना ही मैं ठुकराता हूँ. पर कभी-कभी क्या होता है कि आपके बिजी शेड्यूल की वजह से आपको न चाहते हुए भी ना कहना पड़ता है क्योंकि मेरी पहले की कुछ फ़िल्में हैं जिनके लिए मैंने हामी भरी है."
उनके मुताबिक़, "पहले जिन्हें ज़बान दे दी है, उन फ़िल्मों को पहले निभाना है और इसीलिए दूसरी फ़िल्मों को ना कहना पड़ता है."
शोहरत
नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी के लिए शोहरत मिलना और उसे संभालना बहुत मुश्किल है.

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वो कहते हैं, "शोहरत मिलने में पूरे 15 साल लग गए और अब इस शोहरत को संभालना मेरे लिए बहुत मुश्किल है. ये हुनर मैं तीनों ख़ान से सीख रहा हूँ. क्योंकि तीनों ख़ान ने अपनी इस कामयाबी और शोहरत को लंबे समय से उसी तरह बनाए रखा है जैसा वो चाहते थे."
नवाज़ुद्दीन ने कहा, "मैं जानता हूँ कि ये इतना आसान नहीं है और अगर मैं ख़ान के मुक़ाबले आधी शोहरत भी बना पाया तो वो मेरे लिए बहुत बड़ी बात होगी."
निर्देशक कबीर ख़ान की फ़िल्म 'बजरंगी भाईजान' में नवाज़ुद्दीन पाकिस्तानी पत्रकार का किरदार निभा रहे हैं.
सलमान और नवाज़ुद्दीन फ़िल्म 'किक' के बाद एक बार फिर साथ में दिखेंगे.
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