किराए की कोख पर ऐतराज़ नहीं: इमरान

इमरान खान

किराए की कोख पर नहीं है ऐतराज़, ये कहना है अभिनेता इमरान ख़ान का. बीबीसी से हुई खास बातचीत में उन्होंने स्वीकार किया कि भविष्य में यदि उन्हें सरोगेसी का सहारा लेना पड़े तो वे पीछे नहीं हटेंगे.

आजकल <link type="page"><caption> सरोगेसी</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2011/07/110729_womb_rent_ss.shtml" platform="highweb"/></link> यानी किराए की कोख का मुद्दा काफी चर्चा में है. टीवी और अख़बार ही नहीं सोशल मीडिया भी इस पर खूब बातें कर रहा है.

हाल ही में दो बड़े सितारे <link type="page"><caption> अभिनेता शाहरुख़ ख़ान</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/entertainment/2013/07/130709_sharukh_son_abram_sy.shtml" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> आमिर ख़ान</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/entertainment/2013/08/130806_mumbai_diary_pkp.shtml" platform="highweb"/></link> भी सरोगेसी की मदद से पिता बने हैं.

इमरान ख़ान से जब पूछा गया कि वे सरोगेसी और इस पर चल रही बहस के बारे में क्या सोचते हैं तो उन्होंने बताया, “इसमें बहस की क्या बात है. अगर किसी को बच्चा पैदा करना है. और कोई चाहता है कि वो इनकी मदद करे, तो इससे किसी का क्या लेना देना है. लोग फ़िज़ूल की बातों पर बहस करते हैं.”

सरोगेसी एक वरदान है

<link type="page"><caption> सरोगेसी</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2010/10/100918_surrogacy_laws_pg.shtml" platform="highweb"/></link> को लेकर अकसर ये कहा जाता है कि यह पैसा कमाने का ज़रिया है और इसे अपने फ़ायदे के लिए कारोबार बनाया जा रहा है.

इस बारे में इमरान कहते हैं, “भई हम भी जो करते है एक अभिनेता के बतौर, वह भी तो एक व्यापार है. आपके मनोरंजन के लिए नाचते हैं, गाते हैं. इसमें तो कुछ गलत नहीं, तो सरोगेसी में गलत क्या है? हमारा दिल जिस काम की गवाही दे, वो चाहे कुछ भी हो, हमें वही करना चाहिए.”

बातचीत में इमरान ने स्वीकार किया कि यदि उन्हें भी मौका मिले तो सरोगेसी के लिए जाना चाहेंगे.

उन्होंने कहा, “अगर मजबूरी की वजह से मुझे सरोगेसी तकनीक की मदद लेनी पड़े तो बिलकुल लूंगा, क्यों नहीं.”

इमरान ख़ान सरोगेसी को <link type="page"><caption> इंसान के लिए वरदान</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/entertainment/2011/12/111205_amir_baby_pn.shtml" platform="highweb"/></link> मानते हैं. वे मानते हैं,"जिस जोड़े को किसी तरह की समस्या होती है, चाहे बायोलॉजिकल हो या मेडिकल. वे बच्चे पैदा नहीं कर पाते. यदि उन्हें बच्चे पैदा करने हैं, तो हम कौन होते हैं उन्हें रोकने वाले."

सोशल नेटवर्किंग से दूर हैं

इमरान खान
इमेज कैप्शन, इमरान खान सरोगेसी को भगवान का एक वरदान मानते हैं.

सोशल नेटवर्क फ़िल्मी हस्तियों के लिए अपने चाहने वालों से बेहतर संवाद स्थापित करने का ज़रिया साबित हुआ है. इससे इतर इमरान सोशल मीडिया पर बिलकुल सक्रिय नहीं हैं.

इमरान का कहना है, “सोशल मीडिया पर फॉलो करने वालों का जो आंकड़ा होता है, वह शक के घेरे में है. मुझे इस पर विश्वास नहीं.”

तो फिर इमरान ख़ान अपने चाहने वालों से कैसे संपर्क करते हैं, या संवाद रखते हैं.

इमरान ने बताया, “मैं 'ऑन द ग्राउण्ड इवेंट्स' पसंद करता हूं. जहां आप अपने चाहने वालों से सीधे मिल सकें. उनसे हाथ मिला सकें, गले लग सकें. जब लोगों को मौका मिलता है कि वे आपकी आंखों में आंखें डाल कर बातें कर सकें, तो वो लम्हा वे ज़रूर याद रखते हैं.”

सख्त नापसंद है टीवी देखना

इमरान खान
इमेज कैप्शन, इमरान को सख्त नापसंद है टीवी देखना.

इमरान ख़ान ने टीवी पर चलने वाले कई रियलिटी शो के बारे में बात करते हुए उनके बारे में अपना नज़रिया जा़हिर किया. उन्होंने बताया कि उन्हें टीवी देखना भी गवारा नहीं है.

इमरान ने बताया, “एक शो चलता है टीवी पर, आपने सुना होगा. इमोशनल अत्याचार. इसमें लोगों का पीछा किया जाता है. ब्यॉफ्रेंड या गर्लफ्रेंड, जो एक दूसरे को धोखा दे रहे हैं, उसका वीडियो टेप कर दिखाते हैं. फिर दोनों को सबके सामने लड़ाया जाता है. अब किसी की कोई कमज़ोरी, पर्सनल प्रॉब्लम है, उसे हमारे मनोरंजन के लिए ऐसे सबके सामने तमाशा बना देना बिलकुल गलत बात है.”

इमरान टीवी पर बच्चों के बेतहाशा बढ़ते <link type="page"><caption> टेलेंट शोज</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2009/11/091125_mumbai_babloo_skj_vv.shtml" platform="highweb"/></link>़ को भी पसंद नहीं करते. वे मानते हैं कि ऐसे शो होने ही नहीं चाहिए. उनके अनुसार इस तरह के शो के ज़रिए बच्चों को कड़े मानसिक दबाव से गुजरना पड़ता है.

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