गोवा में बेरोज़गारी के बीच हो रहे जश्न पर सवाल

इन दिनों गोवा में सितारों का जमावड़ा और फिल्मों की बहार है. इस वक़्त ये जगह किसी भी सिनेमा प्रेमी के लिए जन्नत से कम नहीं है. लेकिन ये जन्नत हर किसी को रास आए, ऐसा ज़रूरी तो नहीं है.
गोवा में कुछ लोग इस समारोह का ये कहकर विरोध कर रहे हैं कि इन दिनों गोवा आर्थिक तंगी से गुज़र रहा हैं, ऐसे में इतने बड़े पैमाने पर ये फिल्म समारोह यहां कैसे आयोजित किया जा सकता है.
दरअसल गोवा में खनन उद्योग पर प्रतिबन्ध लगने के कारण करीब डेढ़ लाख लोगों के रोज़गार पर प्रभाव पड़ा है.
गोवा मिनरल ओर एक्सपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवानंद सलगांवकर कहते हैं कि सरकार ने उनका पक्ष सुने बगैर ही खनन बंद करा दिया.
खनन उद्योग पर प्रतिबंध

वो कहते हैं कि ये गलत है क्योंकि इससे कई लोगों के सामने भूखे मरने की नौबत आ गई है.
सलगांवकर की बात से नीलकांत गवास भी इत्तेफ़ाक रखते हैं जो ऑल गोवा ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के प्रमुख हैं.
वे कहते हैं, ''खनन बंद होने से लाखों लोग बेरोज़गार हो चुके हैं. 22,000 ट्रक पार्किंग में बेकार पड़े सड़ रहे हैं. उन पर लोन अलग है. सब दिवालिया होने की कगार पर आ चुके हैं. अगर यही स्थिति बनी रही तो गोवा में भी बेरोजगारी से तंग आकर आत्म हत्याओं के मामले सामने आने लगेंगे.''
मनोरंजन सोसायटी के सुझाव
ऐसा नहीं है कि गोवा के लोगों की इस चिंता से यहां की मनोरंजन सोसायटी अवगत नहीं है.
इस सोसायटी ने गोवा सरकार के सामने ये प्रस्ताव रखा है कि राज्य में फिल्म सिटी की स्थापना की जाए.
शूटिंग में काम आने वाले साजो-सामान रियायती दरों पर मुहैया हो ताकि लोग यहां आकर शूट करें और स्थानीय निवासियों को काम मिले.
सोसयटी के उपाध्यक्ष विष्णु वाघ कहते है, ''कई लोग और समूह शिकायत कर रहे हैं कि हम क्यों फिल्म समारोह मना रहे हैं? वो भी ऐसे समय, जब पूरा गोवा आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा है. मेरा उनको जवाब है कि इस तंगी से उबरने में हमें महज तीन से चार महीने ही लगेंगे.''
वाघ कहते हैं, ''साथ ही हम गोवा में फिल्म सिटी के निर्माण को लेकर भी प्रतिबद्ध हैं. ऐसा होने से खनन उद्योग बंद होने से विस्थापित हुए लोगों को वैकल्पिक रोज़गार मिलेगा. इतना ही नहीं, हम यहां शूटिंग करने वालों को रियायती दर पर लोकेशन और शूटिंग के सामान उपलब्ध करवाएंगे.''
वाघ के अनुसार गोवा में शूट होने वाली फिल्मों के लिए स्थानीय टेक्नीशियन और कलाकार भी उपलब्ध कराए जाएंगे. इससे काफी हद तक यहां बेरोज़गारी की समस्या दूर हो सकेगी.












