कोई किसी की सीमा तय नहीं कर सकता: अनुराग

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बीते शुक्रवार रिलीज हुई फिल्म क्या सुपर कूल हैं हम. इसकी भाषा पर कई सवाल उटे. कई लोगों ने इसमें इस्तेमाल हुई भाषा को 'अभद्र' और 'फूहड़' करार दिया.
अपनी शॉर्ट फिल्मों की एक सीरीज लॉन्च करने पहुंचे फिल्मकार अनुराग कश्यप से जब पूछा गया कि क्या फिल्मकारों की कोई सीमा नहीं होनी चाहिए. इस पर उन्होंने पलटकर कहा, "सीमाएं कौन तय करेगा. किसी एक आदमी की सीमाएं कोई दूसरा तय नहीं कर सकता. अगर ऐसा होने लगा तो मैं सीमाएं तय कर दूं, कि मेरे अलावा कोई दूसरों की फिल्म देखेगा ही नहीं."
उन्होंने कहा कि सीमाएं दो दर्शक तय करते हैं, और जिन्हें कोई फिल्म पसंद नहीं आएगी, वो उसे नहीं देखेगा.
अनुराग ने ये भी कहा, "मुझे तो कई बार ऐसी चीज़ें पसंद आती हैं जो हमारी मॉरेलिटी को हिलाती हैं. बहुत हो गया. ये जो तालिबानीकरण चल रहा है ना. कि किसी को कुछ पसंद नहीं आया तो पकड़कर पीट दिया. ये क्यों बनाया. वो क्यों बनाया. ये सब बंद होना चाहिए."
उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में लोगों को बहुत दबाकर रखा जाता है. जो गलत बात है.
अनुराग कश्यप फिल्मकार सुधीर मिश्रा और तमिल फिल्म निर्देशक चक्री टोलेटी के साथ मिलकर एक साझा वेंचर के तहत लघु फिल्मों की एक श्रंखला बनाने जा रहे हैं जिन्हें डिजिटल फॉर्मेट में रिलीज किया जाएगा.
ये फिल्में 12 नए निर्देशक मिलकर बनाएंगे और अनुराग, सुधीर और चक्री इन युवा फिल्मकारों का मार्गदर्शन करेंगे.
बकौल अनुराग, लघु यानी शॉर्ट फिल्म बनाना, एक पूरी लंबाई की फीचर फिल्म बनाने से कहीं ज्यादा कठिन है.
ये लघु फिल्में इंटरनेट पर रिलीज की जाएंगीं.












