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सेक्स पर खुलकर बात करना बुरा नहीं है : बादशाह
- Author, मधु पाल
- पदनाम, मुंबई से, बीबीसी हिंदी के लिए
'चुल', सैटरडे-सैटरडे', 'डीजेवाले बाबू', 'अभी तो पार्टी शुरू हुई है' जैसे हिट गानों से अपनी एक खास पहचान बना चुके मशहूर पंजाबी गायक और रैपर बादशाह मनोरंजन जगत में नई पारी की शुरुआत कर रहे हैं.
बादशाह अब अभिनय करते नज़र आएंगे. बादशाह फ़िल्म 'खानदानी शफाखाना' से अभिनय की पारी की शुरुआत कर रहे हैं. इस फ़िल्म में सोनाक्षी सिन्हा और वरुण शर्मा की प्रमुख भूमिकाएं हैं.
ये फ़िल्म सेक्स से जुड़े कई मुद्दों पर बात करती है. रैपर बादशाह का मानना है, "सेक्स पर खुलकर बात करना बुरा नहीं है. जब तक सेक्स पर खुलकर बात नहीं करोगे, तब तक सेक्स से जुड़ी समस्याओं को समझोगे कैसे."
एक्टिंग के लिए सोनाक्षी ने प्ररित किया
बादशाह ने बीबीसी से ख़ास बातचीत में बताया कि वो अभिनय की तरफ कैसे मुड़े.
उन्होंने कहा, "मैं फ़िल्म 'खानदानी शफाखाना' से अभिनय की शुरुआत कर रहा हूं. इसके पहले भी मुझे कई हिंदी फ़िल्मों के लिए प्रस्ताव आते रहे हैं. पहला प्रस्ताव नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज़ 'लस्ट स्टोरी' के लिए आया था और मुझे इसमें विक्की कौशल वाला रोले दिया गया था, लेकिन तब मुझमें आत्मविश्वास की कमी थी और फिर उसके बाद मेरे पास फिल्म 'गुड न्यूज़' आई, इसमें दिलजीत दोसांझ का किरदार मुझे दिया गया."
उन्होंने कहा, "इस फ़िल्म में दिलजीत पाजी के साथ अक्षय कुमार हैं, लेकिन अगर यह फ़िल्म मैंने कर ली होती तो अक्षय कुमार ने मुझे भगा-भगा कर मारना था. अच्छा हुआ नहीं की. सोनाक्षी के साथ मैं बहुत सहज महसूस करता हूं और सोनाक्षी ही हैं जिन्होंने मुझे कहा था कि अगर फ़िल्म के लिए प्रस्ताव आ रहे हैं तो मना मत करो. कर लो."
किरदार को लेकर झिझक
बादशाह कहते हैं कि पहले वो अभिनय करने को लेकर घबराए हुए थे.
वो कहते हैं, "मुझे ऐसे किरदार दिए जा रहे थे, जो मेरी पर्सनालिटी से अलग हैं. जैसे पहला किरदार था विक्की कौशल वाला, जो अपनी बीवी को खुश नहीं रख पाता. फिर फ़िल्म 'गुड न्यूज़' में किरदार था जो टेस्ट ट्यूब बेबी पर ज़ोर देता है, क्योंकि वो बच्चे नहीं कर पा रहे हैं और अब इस फ़िल्म में भी कुछ ऐसा ही किरदार है. मैंने सोचा, क्या मेरी सूरत पर ही लिखा है, जिसकी वजह से मुझे सभी ऐसे किरदार दिए जा रहे हैं. तब सोचा कि ये तो करना ही पड़ेगा और इस बार बिना इनकार किए इस फ़िल्म को हां कह दी."
क्या है फ़िल्म की थीम?
बादशाह का मानना है कि सेक्स पर बात करने से लोग बहुत कतराते हैं, जबकि ये सही नहीं है.
बादशाह कहते हैं, "हमारी फ़िल्म 'खानदानी शफाखाना' में बताया गया है कि सेक्स को सेक्स ही बोलो तभी बात बनेगी. हमने सेक्स से जुड़े कई अहम मुद्दों पर बात करने की कोशिश की है. सेक्स के बारे में बात करना गलत नहीं. जब तक बात नहीं करोगे, तब तक सेक्स से जुड़ी समस्याओं को सुलझाएंगे कैसे?"
साफ़ सुथरीहै फ़िल्म
बादशाह के मुताबिक उनकी फ़िल्म में सेक्स की बात तो है, लेकिन इसे पूरे परिवार के साथ देखा जा सकता है.
वो कहते हैं कि इसमें कोई भी 'डर्टी जोक्स' नहीं हैं. ये बहुत साफ़ सुथरी हल्की कॉमेडी के साथ कुछ ज़रूरी मुद्दों पर ज़ोर देने वाली फ़िल्म है.
बादशाह के मुताबिक ये फ़िल्म रिश्तों को भी दिखती है. रिश्ता जो एक मामा और भांजी का है.
वो कहते हैं कि इस फ़िल्म से पहले भी विक्की डोनर फ़िल्म और शुभमंगल विवाह में इन समस्याओं पर बात हुई है.
बादशाह के मुताबिक उन्होंने एक्टिंग के टिप्स दिलजीत दोसांझ से लिए हैं और दिलजीत ने कहा कि कहा, "जैसा तू है, ऐसा ही फ़िल्मों में रहना."
फिल्म का निर्देशन शिल्पी दासगुप्ता ने किया है. जबकि इसके प्रोड्यूसर भूषण कुमार, मृगदीप सिंह लांबा और महावीर जैन हैं.
फिल्म खानदानी शफाखाना 2 अगस्त को रिलीज़ हो रही है.
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