जो चोरी-चकारी-मक्कारी करें वो नहीं है देशभक्त- सलमान ख़ान

    • Author, मधु पाल
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए

भारतीय सिनेमा में सलमान ख़ान की फ़िल्म 'भारत' काफ़ी चर्चा में हैं. फ़िल्म में साल 1964 से लेकर 2010 तक सफ़र दिखाया गया है.

फ़िल्म में सलमान का नाम भारत है जिनके नाम पर ही फ़िल्म का नाम आधारित है. फ़िल्म में सलमान खान यानि भारत के 46 साल का सफ़र दिखाया गया है.

उनके बचपन से लेकर बुढ़ापे तक के सफ़र में देश के पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु भी दिखाई गई है. उनके इस सफ़र में देश और उनके जीवन में क्या-क्या बदलाव आए फ़िल्म की कहानी में बख़ूबी दिखाया गया है.

राजनीति में दिलचस्पी नहीं

सलमान ख़ान कहते हैं कि वो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को पसंद करते हैं. उन्हें वे प्यार से बापजी बुलाते थे.

वे कहते हैं, ''वे सुंदर थे, उनका स्वाभाव बहुत ही अच्छा था और वो बहुत बहुत ही अच्छे इंसान थे. फिल्म 'दबंग' के समय मेरी उनसे आख़िरी बात हुई थी. उन्होंने उस समय मेरी फ़िल्म भी देखी थी. मैं हमेशा उनसे बहुत ही प्रभावित हुआ हूं.

इसी बातचीत में वे आगे कहते हैं कि जो देश के लिए अच्छा काम करे और देश के लिए अच्छा है वो ही अच्छा प्रधानमंत्री होता है.

कई फ़िल्मी कलाकार ऐसे हैं जिनका फ़िल्मी करियर ख़त्म होने के बाद वे राजनीति में आ गए. जिनमें जयललिता, हेमा मालिनी, शत्रुघन, जया प्रदा, जया बच्चन, किरन खेर, परेश रावल, राज बब्बर आदि नाम शामिल हैं.

सलमान ने बताया कि उनकी दिलचस्पी राजनीति में नहीं है.

'चोरी या स्कैम करने वाले देशभक्त नहीं'

सलमान ख़ान कहते हैं, ''अभी तक उन्हें किसी राजनीति पार्टी से कोई ऑफ़र नहीं है. अगर आएगा तो भी फिलहाल राजनीति में आने का मेरा अभी कोई इरादा नहीं.

देशभक्त किसे कहा जा सकता है इस सवाल के जवाब में सलमान ख़ान मानते है, ''वे अपने आप को देशभक्त मानते हैं. उनकी नज़र में वो सभी देशभक्त है जो इस देश की मिट्टी में पैदा हुए है, जिनका परिवार यहाँ का है और उनकी पहचान यहाँ की है.

सच्चाई के साथ चलने वाला हर व्यक्ति देशभक्त है. चोरी, चकारी, मक्कारी या किसी तरह का स्कैम करने वाले देशभक्त नहीं हो सकते. जो अपने ही देश में लूटमार करें, किसी को बेवकूफ़ बना रहे हो, तरह-तरह के स्कैम करते हों वो देशभक्त हो ही नहीं सकते.''

'अवार्ड नहीं रिवॉर्ड चाहिए'

सलमान ख़ान को लेकर उनके फैंस की दिवानगी देखते ही बनती है. उनके फैंस प्यार से उन्हें भाई कहते हैं. उनकी आने वाली फ़िल्म का ज़िक्र शुरु होने पर ही उनकी फ़िल्म का इंतज़ार लोग बेसब्री से किया जाता है.

उन्होंने अभी तक सैंकड़ों फ़िल्में कर ली है. उनमें से कई फ़िल्मों ने रिकॉर्ड तोड़ कमाई भी की है. लेकिन आज तक उन्हें एक भी नेशनल अवार्ड नहीं मिला है.

वे बताते हैं, 'मुझे नेशनल अवार्ड या किसी भी तरह का अवार्ड नहीं चाहिए. मुझे तो सिर्फ़ रिवॉर्ड चाहिए कि मेरी फिल्म लोग थिएटर में जाकर देखे लें. पूरा देश मेरी फ़िल्म देख ले तो इस से बड़ा अवार्ड क्या होगा.'

कैटरीना नहीं थी पहली पसंद

फ़िल्म 'भारत' में सलमान के साथ कैटरीना कैफ़ भी हैं लेकिन कैटरीना फ़िल्म की पहली पसंद नहीं है.

इससे पहले फ़िल्म में कैटरीना की जगह प्रियंका चोपड़ा थी. लेकिन उन्होंने फ़िल्म में काम करने से मना कर दिया. हालांकि उन्होंने शादी की तारीख़ तय होने की वज़ह से किया था.

सलमान बताते हैं कि फ़िल्म के लिए प्रियंका को साइन किया गया था. लेकिन उन्होंने अचानक फ़िल्म के लिए मना कर दिया. पहले थोड़ा बुरा लगा. लेकिन बहन अर्पिता ने बताया कि प्रियंका शादी का तारीख़ तय हो गई. जैसे ही पता चला तो अच्छा लगा कि उन्होंने एक सही फ़ैसला किया.

सलमान फ़िल्म के प्रमोशन के दौरान प्रियंका को कई बार शुक्रिया कहते नज़र आए हैं. प्रियंका के ना होते हुए भी उनका इस तरह शुक्रिया कहने पर सलमान मुस्कुराते हुए जवाब देते हैं.

वे कहते हैं कि प्रियंका का शुक्रिया अदा करना सही लगा क्योंकि वो शूटिंग शुरु होने से पांच दिन पहले ही आकर फ़िल्म के लिए मना किया कि मैं ये फ़िल्म छोड़ रही हूं. और अगर प्रियंका मना नहीं करती तो कैटरीना कैफ़ को इस फ़िल्म में काम करने का मौका कैसे मिलता.

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए सलमान ख़ान कहते हैं, ''इस फ़िल्म में कैटरीना का रोल बहुत अच्छा है. लेकिन अभी प्रियंका जो किरदार निभा रही हैं वो उससे भी ज्यादा अच्छा है यानि एक पत्नी का.

वे बताते हैं कि उनकी मज़बूरी थी उन्होंने मुझे मना किया. मैने कहा था कि शूटिंग की डेट आगे बड़ा देंगे लेकिन वे नहीं मानी.

वे इस जोड़ते हैं ''उन्होंने बॉलीवुड और हॉलीवुड में इतनी मेहनत की है और अपनी एक पहचान बनाई है. उनके करियर की बड़ी फ़िल्म थी ऐसे में इतना बड़ा फ़ैसला लेना काबिले तारीफ है.''

''हालांकि उनके ज़हन में ये भी चल रहा होगा कि ये फ़िल्म छोड़ दूंगी तो आगे सलमान के साथ काम मिलेगा भी या नहीं. लेकिन उन्होंने अपना फ़ैसला चुना और शादी की ये कमाल की बात थी वरना बड़े रोल के लिए तो लोग अपना पति तक छोड़ देते हैं.''

फ़िल्म का निर्देशन अली अब्बास जफ़र ने किया है. यह फिल्म 5 जून को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी.

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