मुझमें राजनीतिक योग्यता नहीं, पॉलिटिक्स में नहीं आ रही: माधुरी दीक्षित

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- Author, सुप्रिया सोगले
- पदनाम, मुंबई से, बीबीसी हिंदी के लिए
चुनाव के दौरान कई फ़िल्मी सितारे भी अपनी भाग्य आज़माइश के लिए मैदान में उतरते हैं. हाल ही में 90 के दशक की अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर भी कांग्रेस पार्टी से जुड़ीं और मुंबई से चुनाव लड़ रही हैं.
पिछले कुछ समय से यह अटकलें भी लगाई जा रही थी कि मशहूर अभिनेत्री माधुरी दीक्षित नेने भी किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़ेंगी लेकिन उन्होंने इन तमाम अटकलों को विराम देते हुए कहा कि उनकी राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है और न ही वो इसमें क़दम रख रही हैं.
बीबीसी से रूबरू हुईं माधुरी दीक्षित ने कहा, "मैं राजनीति में नहीं आ रही हूं. राजनीति में आने के लिए दिलचस्पी होनी चाहिए या ज्ञान होना चाहिए. अगर आप राजनीति में जा रहे हैं तो आप को थोड़ी बहुत जानकारी होनी चाहिए."
वो कहती हैं कि, "अगर फ़िल्म अभिनेत्रियों को लगता है कि उनमें राजनीति करने की योग्यता है तो ज़रूर करना चाहिए. मेरा पूरा समर्थन उन्हें है पर मैं राजनीति में नहीं आ रही हूं."

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रुपहले पर्दे पर अपनी अदाकारी, नृत्य और मौजूदगी से लोगों को अपना दीवाना बनाने वाली माधुरी दीक्षित ब्लैक एंड वाइट हिंदी फ़िल्मों की दीवानी रही हैं.
उनका कहना है कि फ़िल्मों के उस दौर को वो जब भी देखती हैं, अभिभूत हो जाती हैं.
माधुरी कहती हैं, "मुझे मधुबाला जी, मीना कुमारी जी और नूतन जी से प्यार है. उस ज़माने में उन्हें कितने अच्छे किरदार को निभाने का मौक़ा मिला था. मधुबाला जी इतनी ख़ूबसूरत थीं कि उन्हें देखकर मुझे लगता है कि काश तब जन्मी होती तो उन्हें देख पाती."


90 की सुपरहिट जोड़ी
माधुरी दीक्षित और संजय दत्त की जोड़ी ने 90 के दशक में कई हिट फ़िल्में दी जिसमें 'खलनायक', 'साजन', 'थानेदार' और 'इलाका' शामिल हैं.
क़रीब दो दशक के बाद माधुरी दीक्षित एक बार फिर संजय दत्त के साथ अभिषेक वर्मन की फ़िल्म 'कलंक' में नज़र आ रही हैं.
उन्हें ख़ुशी है कि उन्हें पुराने सह-कलाकार के साथ काम करने का मौक़ा मिला.
उन्होंने कहा कि इस बार काम करना बहुत आनंददायक रहा.
माधुरी दीक्षित ने कहा कि अभिनय में संजय दत्त की छवि फ़िल्म 'साजन' ने बदली. संजय दत्त को अक्सर एक्शन से जोड़ा जाता था और जब 'साजन' में लोगों को पता चला की संजय दत्त एक विकलांग इंसान का रोल कर रहे हैं तो सब उन्हें कहने लगे की तुम लोग पागल हो गए हो, जो एक्शन करता है उसे विकलांग का रोल दे रहे हो. ये फ़िल्म बिल्कुल नहीं चलेगी. पर 'साजन' के बाद संजय दत्त को एक अलग पहचान मिली.

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मराठी फ़िल्मों की तरफ़ रुझान रखने वाली माधुरी दीक्षित ने बतौर निर्देशक हाल ही में '15 अगस्त' को नेटफ़्लिक्स पर रिलीज़ किया.
मराठी फ़िल्मों के थिएटर में रिलीज़ को लेकर परेशानी पर माधुरी दीक्षित कहती हैं, "मराठी फ़िल्मों को सिर्फ़ 400 थिएटर मिलते हैं उसमें भी अगर 2-3 मराठी फ़िल्म आ जाए तो थिएटर और भी कम हो जाते हैं. फिर अगर कोई हिंदी फ़िल्म चल पड़ी तो मराठी फ़िल्म के शो कट जाते हैं."
इन परेशानियों के मद्देनज़र माधुरी ने अपनी फ़िल्म को नेटफ़्लिक्स पर रिलीज़ करने का फ़ैसला किया जिससे फ़िल्म को अधिक से अधिक दर्शकों तक पहुंचाया जा सके.
अभिषेक वर्मन के निर्देशिन में बनी फ़िल्म 'कलंक' में माधुरी दीक्षित के साथ मुख्य भूमिका में संजय दत्त, वरुण धवन, आलिया भट्ट, सोनाक्षी सिन्हा और आदित्य रॉय कपूर नज़र आएंगे. फ़िल्म 17 अप्रैल को रिलीज़ होगी.
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