पद्मावती में राजपूत मर्यादा का पूरा ख़्याल रखा है: भंसाली

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'पद्मावती' फ़िल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली ने एक वीडियो जारी कर फ़िल्म पर हो रहे विवाद पर स्पष्टीकरण दिया है.
भंसाली ने कहा, "मैं रानी पद्मावती की कहानी से हमेशा से प्रभावित रहा हूं. ये फ़िल्म उनकी वीरता और बलिदान को नमन करती है."
उन्होंने कहा, "कुछ अफ़वाहों की वजह से फ़िल्म विवादों में हैं. अफ़वाह है कि फ़िल्म में रानी पद्मावती और अलाउद्दीन खिलजी के बीच प्रेम संबंध दिखाए गए हैं. मैं इस बात को पहले भी नकार चुका हूं. लिखित प्रमाण भी दिया है, एक बार फिर दोहरा रहा हूं कि हमारी फ़िल्म में रानी पद्मावती और अलाउद्दीन खिलजी के बीच ऐसा कोई सीन नहीं है जो किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाए."
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भंसाली ने कहा, "हमने इस फ़िल्म को बहुत ज़िम्मेदारी से बनाया है. राजपूत मान और मर्यादा का ख़्याल रखा है."
कई हिंदूवादी नेता और सत्ताधारी भाजपा से जुड़े नेता तथित तौर पर पद्मावती फ़िल्म के ख़िलाफ़ बयान दे चुके हैं.
सोमवार को उज्जैन से सासंद भाजपा सांसद चिंतामणि मालवीय ने फ़ेसबुक पर पोस्ट किए एक बयान में कहा है कि "जिनकी औरतें रोज़ शौहर बदलती हैं, वो जौहर को क्या जानें."
सांसद ने ये बयान फ़िल्म पद्मावती के विरोध में दिया है और अपने समर्थकों से फ़िल्म न देखने की अपील की है.
राजपूत संगठन भी एक दिसंबर को रिलीज़ होने जा रही इस फ़िल्म का विरोध कर रहे हैं. अखंड राजपूताना सेवासंघ ने सेंसर बोर्ड से फ़िल्म की रिलीज़ रोकने की अपील की है.
मार्च में फ़िल्म की शूटिंग के दौरान भी राजपूत संगठनों ने फ़िल्म का विरोध किया था और फ़िल्म के सेट को आग तक लगा दी थी.












