'ज़िंदगी अपने तरीके से जीना चाहती थी...उससे ज़्यादा हासिल कर लिया': कंगना रनौत

कंगना रनौत

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    • Author, सुप्रिया सोगले
    • पदनाम, मुंबई से, बीबीसी डॉट कॉम के लिए

अक्सर विवादों में नज़र आने वालीं अभिनेत्री कंगना रनौत का कहना है कि उनका फ़िल्मी करियर चले ना चले इससे उन्हें कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता. कंगना का कहना है कि उनकी ज़िंदगी एक सफल कहानी है.

कंगना एक साल में दो बड़े विवादों से घिरीं. जहां एक तरफ़ करण जौहर से भाई-भतीजावाद पर भिड़ीं तो दूसरी तरफ़ ऋतिक रोशन के साथ कथित प्रेम प्रसंग का मुद्दा थाने तक पहुंचा.

बीबीसी से कंगना ने कहा, "मैं छोटे से शहर से सिर्फ़ अपने पैरों पर खड़े होने की उम्मीद लेकर आई थी. मैं ज़िंदगी अपने तरीक़े से जीना चाहती थी. मैंने उससे ज़्यादा हासिल कर लिया है. मैं अब डर कर क्यों रहूं? मेरी आज़ादी का क्या फ़ायदा होगा?''

अपने हिसाब की ज़िंदगी

उन्होंने कहा, ''सिमरन फ़िल्म चले या ना चले. फ़िल्म इंडस्ट्री में मेरा आगे कुछ हो या ना हो मैं एक सफल कहानी हूं. मेरे लिए ये मायने रखता है की मैं अपनी ज़िंदगी अपने हिसाब से इंजॉय करूं."

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हाल ही में कंगना ने एक चैनल को दिए इंटरव्यू में ऋतिक से जुड़े विवादों पर अपनी राय रखी थी. ज़्यादातर लोगों ने इस मुद्दे पर चुप्पी रखना ठीक समझा वहीं कुछ लोगो ने इसे पब्लिसिटी स्टंट माना और ग़लत ठहराया.

कंगना का कहना है की औरत की मान-मर्यादा किसी भी फ़िल्म से बढ़कर होती है.

फ़िल्में तो आती जाती रहती हैं

वो कहती हैं, "कई फ़िल्में आईं, जिसने कई रिकॉर्ड तोड़े, इतिहास रचा और राष्ट्रीय पुरस्कार भी जीता. फ़िल्में तो आती-जाती रहती हैं लेकिन किसी भी व्यक्ति की मान-मर्यादा करियर और काम से बढ़कर होती है.''

उन्होंने कहा, ''अगर समाज में कोई आप पर उंगली उठाएगा, आपको पागल, ग़ैरज़िम्मेदार या मुज़रिम ठहराएगा तो बिना किसी शर्म के अपनी सुरक्षा करनी चाहिए. फिर चाहे कोई भी मौसम क्यों ना हो. आपकी फ़िल्म रिलीज़ हो रही हो या ना हो.''

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कंगना का मानना है, ''औरतें ही औरतों के ख़िलाफ़ होती हैं. वो लड़कियों में मन में शर्मिंदगी पैदा करती हैं. अक्सर लड़कियों की असफल शादियों को असफल ज़िंदगी की तरह देखा जाता है.'' कंगना को अफ़सोस है की पहले उनकी भी सोच यही थी.

राजनीति का इरादा नहीं

उन्होंने कहा, "मेरी बुआ जो एक सफल प्रोफ़ेसर रही हैं, उनका तलाक़ हो गया था. मुझे अफ़सोस है की बढ़ती उम्र में मैंने भी उन्हें असफल माना जबकि उन्हें अपने करियर में कई पुरस्कार मिले. हम पढ़े-लिखे लोग हैं. हमें इस दकियानूसी रवैए से उबरना चाहिए जो हर चीज़ में लड़कियों को ज़िम्मेदार ठहरता है."

साल की शुरुआत में कंगना की फ़िल्म रंगून फ्लॉप रही. कंगना फ़िल्म के दौरान काफ़ी डरी हुई थीं. उन्होंने फ़िल्म हिट होने की मन्नतें भी मांगी थीं. क्योंकि उन्हें अंदाज़ा था की अगर फ़िल्म फ्लॉप होगी तो उन पर हर तरफ़ से आक्रमण होगा.

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उन्होंने माना ये उनका डर था और फ़िल्म फ्लॉप रही. उन पर कोर्ट का नोटिस आया. उनकी खिल्ली उड़ाई गई. कंगना का कहना है कि अब उन्हें केवल सांपों से ही डर लगता है.

कंगना का राजनीति में क़दम रखने का फ़िलहाल कोई इरादा नहीं है. उनके मुताबिक राजनीति में सब बहुत ही बोरियत वाले कपड़े पहनते हैं.

उन्होंने कहा, "कई बार सोचती हूं की राजनेता बन जाऊं पर फिर जब उनके कपडे और सरकारी दफ़्तर देखती हूं तो बोरियत महसूस होती है. मुझे फ़ैशन का बहुत शौक है. राजनीति में लोग इतने ढोंगी बनकर घूमते है, कॉटन कपड़े पहनते हैं. वो कुछ अलग ही लगते हैं."

कंगना रनौत हंसल मेहता की आगमी फ़िल्म "सिमरन" में मुख्य भूमिका में नज़र नज़र आएंगी. फ़िल्म 15 सितंबर को रिलीज़ होगी.

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