सोनू निगम के मुद्दे पर बोलना ख़तरे से खाली नहीं: इरफान ख़ान

इरफ़ान खान

इमेज स्रोत, Universal PR

    • Author, सुप्रिया सोगले
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए

सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर अक्सर अपनी सशक्त राय देने वाले अभिनेता इरफ़ान ख़ान ने हाल ही में अज़ान को लेकर सोनू निगम के बयानों से उठे विवाद पर कहा है कि इस बारे में कोई टिप्पणी करना उनके लिए ख़तरे से खाली नहीं है.

बीबीसी से रूबरू हुए इरफ़ान ने कहा,"मैं इस मुद्दे पर बात इसलिए नहीं करना चाहता क्योंकि मुझे नहीं पता कि ये कैसे पेश होगा. मुझे एक मंच दीजिए जहाँ इस मुद्दे पर बहस हो सके फिर मैं अपने विचार सामने रखूँगा. मुझे पता नहीं है सोनू निगम ने क्या कहा है और उनकी बात को कैसे पेश किया गया है तो इस मुद्दे पर बात करना ख़तरे से खाली नहीं है."

वहीं धर्म को लेकर अपने विचार व्यक्त करते हुए इरफ़ान ने कहा कि हर इंसान को अपना धर्म ख़ुद ढूँढना चाहिए.

उनका मानना है कि किसी दूसरे द्वारा बताया गया धर्म कोई धर्म नहीं होता और जो मानते है वो सिर्फ़ अपनी तसल्ली के लिए मानते है.

इरफ़ान खान

इमेज स्रोत, Universal PR

इरफ़ान आगे कहते हैं,"हर धर्म में मृत्यु के बाद की कहानी बताई गई है और हर धार्मिक व्यक्ति को लगता है कि उसके धर्म ने सही कहा है तो देख लीजिए दुनिया कितने बड़े भुलावे में जी रही है."

'लाइफ ऑफ़ पाई', 'इन्फ़र्नो', 'द नेमसेक', 'द अमेज़िंग स्पाइडर मैन' जैसी हॉलीवुड फ़िल्मों में काम कर चुके इरफ़ान ख़ान का कहना है कि हॉलीवुड फ़िल्मों में बॉलीवुड फ़िल्मों के मुकाबले पैसे कम मिलते है.

इरफ़ान कहते हैं,"जब तक आप बड़े स्टूडियो की फ़िल्म या मुख्य भूमिका नहीं करते आपको पैसे कम मिलते है. वहाँ सीरिज़ में पैसे अच्छे मिलते है."

उनकी आने वाली फ़िल्म 'हिंदी मीडियम' के बारे में टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा,"लोगों की मानसिकता है कि अंग्रेजी बोलने वाले उच्च दर्जे के होते है और जो अंग्रेजी भाषा ठीक से नहीं बोल पाते हैं, उसको हम कमी की तरह देखते है. पर बॉलीवुड बहुत ही निरपेक्ष जगह है और जितने भी सुपरस्टार है उन्हें हिंदी आती है."

इस फ़िल्म में दिखाया गया है कि भारत में हिंदी भाषा के साथ हो रहे दुर्व्यवहार के साथ-साथ किस तरह से राष्ट्रीय भाषा हिंदी अपना सम्मान अंग्रेजी भाषा के सामने खोती जा रही है.

इरफ़ान खान

इमेज स्रोत, Universal PR

इस फ़िल्म में पाकिस्तानी अभिनेत्री सबा क़मर इरफ़ान खान की पत्नी का किरदार निभा रही है.

इरफ़ान ने पुष्टि की है कि सबा फ़िल्म प्रमोशन के लिए भारत आएँगी और उन्होंने वीज़ा के लिए अर्ज़ी दी है.

वहीं कुछ भारतीय संगठनो को भारत-पाकिस्तान के नाज़ुक रिश्ते के दौर में पाकिस्तानी कलाकारों का बॉलीवुड फ़िल्मों में काम करने से आपत्ति है.

इस पर इरफ़ान कहते हैं,"जब भारत सरकार वीज़ा दे रही है तो क्या दिक्कत? संगठन को दिक्कत है तो संगठन और सरकार आपस में तय करे कि कौन देश चला रहा है?"

साकेत चौधरी निर्देशित 'हिंदी मीडियम' 12 मई को रिलीज़ होगी.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)