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हिंदी फिल्मों का 'आई लव यू' से ब्रेकअप हो गया है?
- Author, सुमिरन प्रीत कौर
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
हिन्दी फ़िल्में चाहे किसी भी शैली की हों - ऐक्शन , कॉमेडी या हॉरर - उनमें एक लव स्टोरी तो होती ही थी.
लेकिन अब लगता है जैसे हिंदी सिनेमा का 'आई लव यू' से ब्रेक अप हो गया है.
2016 की कुछ बेहतरीन फ़िल्में हिंदी सिनेमा के बदलते चलन का आईना लगती हैं.
नई दुनिया, नई प्रायोरिटी
वो वक़्त चला गया है जब हीरो हीरोइन पेड़ के इर्द गिर्द नाचा करते थे. जहाँ लड़का लड़की के पीछे भागता था, अब वो करियर पर ध्यान देता है.
"एम.एस.धोनी- दी अनटोल्ड स्टोरी" में कहानी का फ़ोकस लव स्टोरी नहीं, क्रिकेटर धोनी की ज़िंदगी थी.
शाहरूख़ ख़ान और आलिया भट्ट की "डियर ज़िंदगी" में प्यार का कोई ऐंगल ही नहीं था.
वहीं "फ़ैन" बेशक बहुत बड़ी हिट नहीं थी लेकिन इसने ये ज़रूर साबित किया कि अब शाहरूख़ जैसे सितारे भी एक्स्पेरीमेंट के लिए तैयार हैं. इसमें तो लड़के ने लड़के का पीछा किया.
ब्रेकअप का जश्न
करण जौहर की फ़िल्म- "ऐ दिल है मुश्किल" में तो बक़ायदा ब्रेकअप को जश्न में तब्दील किया गया, जहाँ अनुष्का शर्मा का किरदार अपने ब्रेक अप से खुश था.
वहीं आलिया भट्ट ने "डियर ज़िंदगी" में ब्रेक अप के बाद ज़िंदगी को कहा "जस्ट गो टू हेल".
साल की शुरुआत में आई "नीरजा" में सोनम कपूर ने अकेले ही फ़िल्म को संभाला.
विद्या बालन की "कहानी 2" में भी हीरो का कोई अता-पता नहीं था.
अमिताभ बच्चन की फ़िल्म "पिंक" में भी कोई प्रेम कहानी नहीं थी.
इस हफ्ते की रिलीज़ आमिर ख़ान की "दंगल" में भी कोई लव स्टोरी नहीं है.
बदलते पोस्टर्स
हिंदी फ़िल्मों के बदलते फ़ोकस की कहानी इस साल रिलीज़ हुई फिल्मों के पोस्टर्स में भी दिखाते हैं.
"रुस्तम","एयरलिफ्ट","नीरजा", "एम.एस.धोनी- दी अनटोल्ड स्टोरी" - सब में या तो सिर्फ़ हीरो था या सिर्फ़ हीरोइन.
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