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नोटबंदी के ज़रिए टीआरपी बटोरने की कोशिश
- Author, सुशांत मोहन
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, मुंबई
नोटबंदी की चर्चा देशभर में जारी है और इसका असर धारावाहिकों के प्लॉट पर भी पड़ा है.
तारक मेहता, बढ़ो बहू, कपिल शर्मा और भाभी जी जैसे धारावाहिकों में नोटबंदी के फ़ॉर्मूले को अपना कर टीआरपी बटोरने की अच्छी कोशिश की गई.
तारक मेहता के रचयिता असित मोदी ने बीबीसी से कहा, "नोटबंदी वाले एपिसोड्स ने तो हमें सबसे ज़्यादा टीआरपी दिलवाई और अभी भी यूट्यूब और सब टीवी की ऐप पर इसे देखा जा रहा है."
लेकिन इस सबके बावजूद पहले पायदान से नागिन को हिलाने में कोई भी धारावाहिक सफल नहीं हुआ.
नागिन की दीवानगी इस क़दर दर्शकों के सर चढ़कर बोल रही है कि इस धारावाहिक के पिछले सीज़न को कलर्स के सहभागी चैनल 'रिश्ते' पर दिखाया जा रहा है और पुराना होने के बावजूद नागिन सीज़न 1 टीआरपी टेबल में तीसरे स्थान पर क़ाबिज़ है.
एंड टीवी के धारावाहिक 'बढ़ो बहू' ने कुछ रफ़्तार पकड़ी है, लेकिन 'भाभी जी घर पर हैं' और 'गंगा' जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों के बावजूद एंड टीवी को पहले पाँच चैनलों में जगह नहीं मिल पाई है.
इस हफ़्ते धारावाहिकों के मामले में पहले तीन पायदान पर रहे नागिन - 2 (कलर्स), कुमकुम भाग्य (ज़ी) और नागिन (रिश्ते). लेकिन चैनलों की दौड़ में पहला स्थान स्टार प्लस ने हासिल किया क्योंकि इसके सभी धारावाहिकों को देखने वाले दर्शकों का औसत अन्य चैनलों से ज़्यादा है.
चैनलों की दौड़ में दूसरे स्थान पर मौजूद कलर्स को उम्मीद है कि इस हफ़्ते वो अपने नए धारावाहिक स्वाभिमान के साथ स्टार प्लस पर बढ़त बना सकता है, लेकिन टीआरपी में यह बढ़त कुछ समय बाद ही दिखाई देगी.
सोनी टीवी, जिसने हाल ही में अपने 21 साल पूरे किए और अपना लोगो भी बदला है अभी भी टीआरपी पायदान में चौथे स्थान पर ही है. हालांकि उसका डांस रिएलिटी शो टॉप 5 शोज़ में देखे जाने वाले धारावाहिकों में से एक है और कपिल शर्मा के शो की पॉपुलैरिटी तो बिग बॉस से भी ज़्यादा है.
टीआरपी में एक नया ट्रेंड लाइफ़ स्टाइल चैनलों में देखने में आया है. हालांकि इन्हें देखने वाले दर्शकों की संख्या कुछ हज़ारों में ही है, लेकिन पहले पाँच पायदानों में से चार पर खान-पान से जुड़े शो दिखाने वाले चैनलों का कब्ज़ा है, जैसे - लिविंग फ़ूड्ज़, फ़ूड फ़ूड, फ़ॉक्स लाइफ़, टीएलसी - ये सभी चैनल अपने खान-पान के शोज़ के लिए मशहूर हैं.
मशहूर ब्लॉगर सावन दत्ता के अनुसार, "लोग खाने के शोज़ को लेकर बेहद दीवाने हैं, आप उन्हें सुंदर तरीके से लजीज़ खाना पकते हुए दिखाइए और वो चाव से आपका शो देखेंगे इस बात की गारंटी है."
अब एक नज़र भारत में दिखाए जाने वाले न्यूज़ चैनलों की रेटिंग पर भी डाल ली जाए. टीवी रेटिंग देने वाली आधिकारिक संस्था बार्क इंडिया (ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल) के मुताबिक हिंदी ख़बरिया चैनलों में पहले पायदान पर आज तक और वहीं अंग्रेज़ी चैनलों में टाइम्स नाउ ने पहले पायदान पर क़ब्ज़ा किया है.
वैसे टीआरपी के मामले में आने वाले दिनों में ज़ी, कलर्स, सोनी और स्टार को भारी फ़ायदा मिलेगा क्योंकि साल के अंत में इन सभी पर प्रसारित होने वाले तमाम फ़िल्म अवॉर्ड फ़ंक्शन को देखने के लिए लोग हफ़्तों इंतज़ार करते हैं.
हालांकि अधिकांश फ़िल्म अवॉर्ड के नतीजे पहले ही घोषित हो चुके होते हैं, लेकिन अपने मनपसंद सितारों को स्टेज पर थिरकते, चुहलबाज़ी करते देखना दर्शकों को खूब भाता है.