बीजिंग में प्रदूषण नियंत्रण में लगेंगे 20 साल

इमेज स्रोत, afp
चीन में अधिकारियों का कहना है कि राजधानी बीजिंग में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में बीस साल का समय लगेगा.
शहर में प्रदूषण को कम करने के लिए कई लंबी अवधि की योजनाओं की रुपरेखा तैयार की गई है.
प्रदूषण को रोकने के लिए वायु में मिलने वाले उन खतरनाक छोटे कणों को भी शामिल किया जाएंगा जिन्हें हाल ही में हुए आधिकारिक सर्वेक्षणों में शामिल नहीं किया गया था.
उप-मेयर हॉग फैंग का कहना है कि बीजिंग अपना ध्यान मुख्यत: कोयले के ईंधन से चलने वाले बिजली के संयंत्रों को बंद करने में लगाएगा. साथ ही पुरानी टैक्सियों को हटाया जाएगा.
इन योजना के तहत शहर में पेड़ लगाए जाएंगे ताकि धूल भरी आंधी से बचा जा सके.
चीन के लिए प्रदूषण पर नियंत्रित करना इतना आसान नहीं होगा.
चुनौतियां
चीन से प्रकाशित होने वाले अखबार 'चाईना डेली' के अनुसार बीजिंग में हर साल ऊर्जा की मांग को पूरा करने के लिए 35 करोड़ टन कोयला जलाया जाता है ऐसे में शहर के लिए लक्ष्य प्राप्त करना मुश्किल होगा.
अखबार ने चीन के पर्यावरण विज्ञान संस्थान के प्रमुख मैंग वि के हवाले से कहा है कि बीजिंग को पड़ोसी सुबों हिबेई और टिआंजिन के साथ मिलकर प्रदूषण कम करने को 'एक अभियान' के तौर पर लागू करना चाहिए.
चीन का पर्यावरण मंत्रालय, हाल ही में बीजिंग ब्यूरों ऑफ एनवायरमेंटल प्रोटेक्शन द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव पर विचार-विमर्श कर रहा है.
इसमें मंत्रालय से एक विशेष संस्था का गठन करने की मांग की गई है जो बीजिंग, हिबेई और टिआंजिन के बीच समन्वय स्थापित करे ताकि वो कोयले के इस्तेमाल में साल 2015 तक 10 फीसद कमी लाएं.
हाल ही में एक रिपोर्ट में बीजिंग की गिनती दुनिया की सबसे प्रदूषित शहरों में की गई थी.












