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राजू के ख़िलाफ़ मामला दर्ज | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में सीबीआई ने सत्यम के संस्थापक रामालिंगा राजू और कुछ अन्य लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया है. सीबीआई ने कहा है कि ये अपने में धोखाधड़ी का अनोखा मामला है. सत्यम के मुख्यालय हैदराबाद में जाँच के लिए सीबीआई की 16 सदस्यीय टीम गठित की गई है. इसकी अध्यक्षता डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल वीवी लक्ष्मी नारायण कर रहे हैं. सीआईबी जाँच के काम का ज़िम्मा आंध्रप्रदेश पुलिस की सीबी-सीआईडी से सीबीआई ने लिया है. राजू का इक़बालनामा और अन्य दस्तावेज़ भी सीबीआई को सौंपे जाएँगे. रामालिंगा राजू न्यायिक हिरासत में है. सत्यम के पूर्व निदेशकों और ऑडिटरों का नाम भी सीबीआई मामले में दर्ज है. हैदराबाद में सीबीआई के पुलिस अधीक्षक इस मामले में मुख्य जाँचकर्ता अधिकारी होंगे. इस दल में एक एसपी, बैंक सिक्योरिटी एंड फ़्रॉड सेल का एक अधिकारी और सीबीआई के 11 अधिकारी शामिल होंगे. सत्यम को बेचने की मंज़ूरी इस बीच सत्यम के नए बोर्ड की बैठक रविवार को आँध्र प्रदेश में होगी ताकि कंपनी को बेचने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके. सत्यम के चेयरमैन किरण कार्णिक का कहना है, "हमारा बोर्ड रविवार को मिलेगा ताकि आगे बातचीत हो सके और ये भी तय करना होगा कि बोली लगाने के लिए कितना समय चाहिए." कंपनी लॉ बोर्ड यानी सीएलबी ने आईटी कंपनी सत्यम कंप्यूटर्स को बेचने की हरी झंडी दे दी है. कई अग्रणी कंपनियाँ सत्यम को ख़रीदने की इच्छा जता चुकी है. सीएलबी ने अपने फ़ैसले में कहा है कि सत्यम का निदेशक मंडल कंपनी की 26 फ़ीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए स्वतंत्र है और किसी दूसरी कंपनी को सत्यम का रणनीतिक साझीदार भी बनाया जा सकता है. हालांकि बोर्ड का कहना है कि साझीदार चुनने के लिए बोली की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की ज़रूरत है. |
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