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भारतीय शेयर बाज़ार में भूचाल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रिज़र्व बैंक की तरफ़ से घोषित मौद्रिक और कर्ज़ नीति में ब्याज दरों में कटौती नहीं होने के बाद निराश भारतीय शेयर बाज़ार में भारी गिरावट दर्ज हुई है. कोरोबार बंद होने के क़रीब बिकवाली का ज़ोर रहा और बॉम्बे स्टॉक एक्सजेंट (बीएसई) में 30 शेयरों के संवेदी सूचकांक सेंसेक्स में दस प्रतिशत से अधिक की गिरावट हो चुकी थी. सेंसेक्स 1070.63 अंकों की गिरावट के साथ 8701.07 पर बंद हुआ. इससे पहले जून 2006 में बाज़ार इस स्तर पर था. जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के 50 संवेदी सूचकांक निफ़्टी में 359.15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और बाज़ार 2585 अंकों पर बंद हुआ. दूसरी ओर गिरावट का यह दौर तमाम एशियाई बाज़ारों में जारी रहा और अब यूरोपीय बाज़ार में भी गिरावट का रुख़ दिख रहा है. भारतीय बाज़ार की गिरावट विश्लेषकों का कहना है कि रिज़र्व बैंक की मौद्रिक और कर्ज़ नीति में बाज़ारोन्मुख कोई घोषणा न होने की वजह से बिकवाली की गति बढ़ गई और बैंकों के शेयरों को भारी नुक़सान उठाना पड़ा. उल्लेखनीय है कि रिज़र्व बैंक ने अपनी तिमाही समीक्षा में भारत में आर्थिक विकास की दर का अनुमान घटाते हुए साढ़े सात से आठ फ़ीसदी रहने की बात कही है जबकि पहले यह आठ फ़ीसदी थी. निवेशकों में इस बात का विश्वास था कि रिजर्व बैंक एक बार फिर ब्याज दरों में कटौती करेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ. हालाँकि वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने पत्रकारों से कहा, "हमारी वित्तीय व्यवस्था मज़बूत है और अर्थव्यवस्था की बुनियाद भी मज़बूत है. एक बार जब विश्व बाज़ार में स्थिरता आ जाएगी तो हम उच्च विकास दर की ओर फिर बढ़ चलेंगे." उन्होंने निवेशकों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि वे नहीं घबराएँ. दुनिया के बाज़ार एशियाई शेयर बाज़ारों में आई गिरावट के बाद अब यूरोपीय बाज़ार में गिरावट का रुख़ जारी है.
जापान का सूचकांक साढ़े पाँच वर्षों के निचले स्तर पर पहुँच गया. निक्केई में 9.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. वहाँ इलेक्ट्रॉनिक कंपनी सोनी ने अपने वार्षिक लाभ के अनुमान को आधा कर दिया है. जबकि दक्षिण कोरिया में 10.6 प्रतिशत की गिरावट देखी गई. वहाँ सैमसंग ने अपनी तीसरी तिमाही के लाभ में 44 प्रतिशत की गिरावट की घोषणा की है. इस हफ़्ते के आख़िरी कारोबारी दिन अमरीकी शेयर बाज़ार डाउ जोन्स, नैस्डैक और एस एंड पी में भारी ऊतार-चढ़ाव दिखा. वाहन कंपनियों और ख़ास कर जनरल मोटर्स के नतीजे मंदी गहराने की आशंका के बीच निराशाजनक रहे. यही नहीं जनरल मोटर्स और गोल्डमैन सैच ने नौकरियों में छँटनी के संकेत भी दिए हैं. इसके बाद यूरोपीय बाज़ार में गिरावट का दौर जारी दिखा. ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में 0.5 प्रतिशत की मंदी की घोषणा के बाद लंदन के एफ़टीएसई में सूचकांक 7.5 प्रतिशत गिरा है. उधर पाउंड के मूल्य में 1.52 डॉलरों की गिरावट दर्ज की गई जो पाँच वर्षों में सबसे कम है. इसी तरह फ़्रैंकफ़र्ट बाज़ार में 10 प्रतिशत और पेरिस के बाज़ार में 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है. |
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