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मंगलवार, 01 जुलाई, 2008 को 14:01 GMT तक के समाचार
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घर या कार, सारे क़र्ज़ हुए महँगे
फ्लैट
लगातार ब्याज दर बढ़ने से ज़मीन-जायदाद का कारोबार भी मंदा हुआ है
भारत में महँगाई से परेशान लोगों को अब घर या वाहन ख़रीदने के लिए मिलने वाले कर्ज़ पर ज़्यादा ब्याज देना होगा. पहले ही क़र्ज़ ले चुके लोगों को भी राहत नहीं मिलेगी.

देश के लगभग सभी प्रमुख बैंकों ने घर क़र्ज़ और वाहन क़र्ज़ पर ब्याज दर बढ़ाने की घोषणा कर दी है. ये मंगलवार से प्रभावी हो जाएंगे.

राहत की बात ये है कि बैंकों ने जमा राशि पर भी ब्याज दरें बढ़ाने की घोषणा की है.

भारत के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने होम और ऑटो लोन में आधा फ़ीसदी वृद्धि करने की घोषणा की है.

इलाहाबाद बैंक और देना बैंक ने प्राइम लेंडिंग रेट में बढ़ोतरी की है. दोनों ने इसे आधा फ़ीसदी बढ़ा कर 13.5 फ़ीसदी कर दिया है.

होम लोन के कारोबार के अगुवा एचडीएफ़सी बैंक ने फ्लोटिंग रेट पर कर्ज़ ले चुके सभी लोगों के लिए ब्याज दरों में आधा फ़ीसदी वृद्धि की है जबकि नए कर्ज़ लेने वालों के लिए यह बढ़ोतरी 0.75 फ़ीसदी तक होगी.

बैंकों से दो तरह की ब्याज दरों पर होम लोन मिलता है- 'फ्लोटिंग' और 'फिक्स्ड' यानी स्थिर ब्याज दर.

खुले बाज़ार की स्थिति के मुताबिक जब-जब बैंक ब्याज दरों में बदलाव करते हैं तो 'फ्लोटिंग रेट' पर कर्ज़ लेने वालों के लिए बदली हुई दरें लागू होती है.

वर्ष 2005 में होम लोन की दरें घट कर सात फ़ीसदी के आस-पास पहुँच गई थीं लेकिन उसके बाद से ब्याज दरों के बढ़ने का सिलसिला शुरू हुआ और अब यह लगभग 14 फ़ीसदी पर पहुँच चुका है.

इसके कारण तीन साल पहले 'फ्लोटिंग रेट' पर कर्ज़ ले चुके लोगों की मासिक किश्त भी बढ़ चुकी है.

हालाँकि, 'फिक्स्ड' यानी स्थिर दर पर कर्ज़ लेने वालों के लिए ये नियम लागू नहीं होता है. इसके तहत जिस दर पर ऋण भुगतान हुआ था, वही दर कर्ज़ के पूर्ण भुगतान तक लागू होती है.

मासिक किश्त

बढ़ी हुई दरों के मुताबिक एचडीएफ़सी बैंक से बीस वर्षों के लिए होम लोन लेने वालों को हर एक लाख रुपए पर एक हज़ार 33 रूपए की मासिक किश्त अदा करनी होगी.

'फ्लोटिंग रेट' के मौजूदा ग्राहकों के लिए एक लाख रूपए के कर्ज़ पर मासिक किश्त में 34 रुपए की वृद्धि होगी.

संशोधित कर ढांचे के अनुसार नए ग्राहकों के लिए 'फ्लोटिंग रेट' 11 फ़ीसदी जबकि 'फिक्स्ड रेट' 14 फ़ीसदी होगा.

इस तरह की ब्याज दरें इससे पहले 90 के दशक के मध्य में देखी गई थीं.

लोगों के लिए राहत की एकमात्र किरण जमा पर ऊंचे रिटर्न से है. एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक ने जमा पर ब्याज दरें बढ़ा दी हैं.

एचडीएफसी बैंक ने इसमें आधा फ़ीसदी बढ़ोतरी की है वहीं आईसीआईसीआई बैंक ने इसमें एक फ़ीसदी तक की वृद्धि की है.

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