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मंगलवार, 18 मार्च, 2008 को 20:31 GMT तक के समाचार
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अमरीका में ब्याज दरों में फिर कटौती
फ़ेडरल रिज़र्व
फ़ेडरल रिज़र्व ने अर्थव्यवस्था में आ रही मंदी को संभालने के लिए कई क़दम उठाए हैं
धराशाई होते वित्तीय बाज़ार और गड़बड़ाती अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए अमरीका के केंद्रीय बैंक फ़ेडरल रिज़र्व ने ब्याज दरों में 0.75 प्रतिशत की कटौती करने की घोषणा की है.

इस कटौती के साथ ब्याज की दर तीन प्रतिशत से घटकर 2.25 प्रतिशत हो गई है. लेकिन यह वित्तीय बाज़ार की उम्मीद की तुलना में अभी भी कम है.

फ़ेडरल रिज़र्व ने इस महीने दूसरी बार ब्याज दरों में कटौती की है. सितंबर से लेकर अब तक यह छठवीं बार है जब ब्याज दरों में कटौती की गई है.

बहुत से विशेषज्ञों का मानना है कि अमरीका पहले ही आर्थिक मंदी के दौर में पहुँच चुका है.

अर्थव्यवस्था में गिरावट को रोकने के लिए फ़ेडरल रिज़र्व ने इस हफ़्ते कुछ बड़े क़दम उठाए हैं. इसकी शुरुआत करते हुए अमरीका के बड़े इन्वेस्टमेंट बैंक बीयर स्टर्न्स को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई थी.

अमरीका के वित्तमंत्री हेनरी पॉलसन ने मंगलवार को स्वीकार किया कि अमरीकी अर्थव्यवस्था में तेज़ी से गिरावट आ रही है, हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि इस साल बाद में इसमें सुधार आएगा.

वैसे फ़ेडरल रिज़र्व की मंगलवार की घोषणा के बाद अमरीकी शेयर बाज़ार में तेज़ी से सुधार हुआ है.

 ब्याज दरों में कटौती से फ़ेडरल रिज़र्व की अस्थिर बाज़ार को शांत करने की कोशिशों को फ़ायदा मिलेगा.फ़ेडरल रिज़र्व ने साफ़ कर दिया है कि अर्थव्यवस्था को स्थिर करना उसकी पहली प्राथमिकता है और महंगाई के बारे में वह बाद में चिंता करेगा
सैंड्स ब्रदर सेलेक्ट एक्सेस फ़ंड के अधिकारी

बीबीसी के आर्थिक मामलों के संवाददाता का कहना है कि ब्याज दरों में ताज़ा कटौती के बाद भी यह स्पष्ट नहीं है कि क्या अभी ब्याज दरों में और कटौती होनी है?

मंदी का डर

फ़ेडरल रिज़र्व को उम्मीद है कि उसके इस क़दम से आर्थिक मंदी को रोकने में सहायता मिलेगी और यह वित्तीय व्यवस्था में सुधारने में मदद करेगा.

सैंड्स ब्रदर सेलेक्ट एक्सेस फ़ंड के डेनियल लिब्बी ने कहा, "ब्याज दरों में कटौती से फ़ेडरल रिज़र्व की अस्थिर बाज़ार को शांत करने की कोशिशों को फ़ायदा मिलेगा."

उनका कहना है, "फ़ेडरल रिज़र्व ने साफ़ कर दिया है कि अर्थव्यवस्था को स्थिर करना उसकी पहली प्राथमिकता है और महंगाई के बारे में वह बाद में चिंता करेगा."

उनका कहना है कि देश की अर्थव्यवस्था तब तक मज़बूत नहीं हो सकती जब तक कि उसके बैंकों का कामकाज़ ठीक से न चले.

अमरीका में स्थिति यह हो चली है कि बैंक एक दूसरे को पैसा देने में घबराने लगे हैं क्योंकि उन्हें अमरीका में गृह-ऋण से होने वाले नुक़सान की चिंता होने लगी है.

उल्लेखनीय है कि अमरीका में आर्थिक मंदी का सबसे बड़ा असर अमरीका के होम लोन बाज़ार में हुआ है.

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