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सिटी ग्रुप को रिकॉर्ड घाटा हुआ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के सबसे बड़े बैंक सिटी ग्रुप ने कहा है कि साल के अंतिम तीन महीनों में उसे लगभग 10 अरब डॉलर का घाटा हुआ है. बैंकिंग इतिहास में ये अब तक का सबसे बड़ा तिमाही घाटा है. पिछले कुछ वर्षों में सिटी ग्रुप का ये पहला घाटा है. ये घाटा अमरीकी गृह ऋण बाज़ार में डूबे 18 अरब डॉलर की राशि को बट्टे खाते में डालने की वजह से आया है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस घाटे से बैंक डूबेगा तो नहीं लेकिन उसकी साख को ज़रूर बट्टा लगेगा. सिटी ग्रुप के मुख्य कार्यकारी विक्रम पंडित का कहना है कि ये स्थिति किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है. भारतीय मूल के विक्रम पंडित ने पिछले महीने ही सिटी ग्रुप के मुख्य कार्यकारी का पद संभाला है. इसके पहले नवंबर में चार्ल्स प्रिंस ने इस पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. उन पर आरोप था कि उन्होंने ख़राब क्रेडिट रिकॉर्ड के बावजूद लोगों को गृह ऋण बांटा. सिटी ग्रुप को घाटे से उबारने के लिए सिंगापुर सरकार की निवेश संस्था ने 6.88 अरब डॉलर की धनराशि उपलब्ध कराने की घोषणा की है. दूसरी ओर कुवैत इंवेस्टमेंट ऑथारिटी ने घोषणा की है कि उसने सिटी ग्रुप में तीन अरब डॉलर में हिस्सेदारी ख़रीदी है. ग़ौरतलब है कि सिटी बैंक का कारोबार अमरीका के अलावा ब्रिटेन और भारत सहित कई देशों में फैला हुआ है. |
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