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'अमरीकी अर्थव्यवस्था की स्थिति ख़राब' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के केंद्रीय रिज़र्व बैंक के प्रमुख का कहना है कि अमरीकी अर्थव्यवस्था की स्थिति और बिगड़ी है. उन्होंने अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए ब्याज़ दरों में और कटौती की ज़रुरत बताई है. उनके बयान को अमरीका में आर्थिक मंदी के संकेत के रुप में देखा जा रहा है और महंगाई बढ़ने की आशंका के रुप में भी. अभी पिछले हफ़्ते ही एक सरकारी रिपोर्ट में कहा गया था कि अमरीका में बेरोज़गारी की दर दो साल में सबसे अधिक हो गई है. रिज़र्व बैंक के चेयरमैन बेन बर्नांके को दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, एक तो देश में मकान का बाज़ार मंदा पड़ा हुआ है दूसरा लोग बाज़ार में खर्च करना कम कर रहे हैं. इसी समय उन्हें तेल और खाद्यान्न की क़ीमतों में होने वाली बढ़ोत्तरी को भी नियंत्रित करना होगा. अमरीकी पत्र वॉलस्ट्रीट जर्नल ने एक सर्वेक्षण के बाद कहा है कि आर्थिक मंदी की संभावना 42 प्रतिशत है जबकि वित्तीय संस्थान मेरिल लिंच ने अपने विवादास्पन वक्तव्य में कहा है कि अमरीका पहले से ही आर्थिक मंदी की चपेट में है. रिज़र्व बैंक के प्रमुख ने कहा है कि वे समय रहते अर्थव्यवस्था को संभालना चाहते हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि ब्याज़ में कटौती की ज़रुरत बताई है और इसे महीने के अंत तक ब्याज़ दरों में कटौती के संकेत के रुप में देखा जाना चाहिए. इससे पहले यूरोपीय सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ़ इंग्लैंड ने ब्याज़ दरों में कटौती से इनकार कर दिया था. विश्लेषक मानते हैं कि इसे महंगाई के प्रति बैंकों की चिंता के रुप में देखा जाना चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें अमरीका में आर्थिक मंदी की आशंका04 जनवरी, 2008 | कारोबार भारतीय अर्थव्यवस्था में आई और तेज़ी31 अगस्त, 2007 | कारोबार 'अमरीका की बराबरी कर लेगा चीन'02 जून, 2007 | कारोबार भारत में औद्योगिक उत्पादन बढ़ा12 जनवरी, 2007 | कारोबार अमरीकी अर्थव्यवस्था की विकास दर घटी28 अक्तूबर, 2006 | कारोबार जापान ने ब्याज़ दर बढ़ाई14 जुलाई, 2006 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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