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ब्रिटेन में एशियाई मूल के लोग सम्मानित | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में अहम योगदान के लिए ब्रिटेन के शहर बर्मिंघम में मध्य इंग्लैंड के कई ब्रितानी- एशियाई लोगों को सम्मानित किया गया है. सार्वजनिक क्षेत्र में अहम योगदान के लिए विशिष्ट योगदान के लिए चरनजीत मेहत को सम्मान दिया गया है. वे बर्घिंगम में जेल सेवा में ड्रग मामलों की प्रमुख हैं. वहीं स्वास्थ्य सेवा में योगदान के लिए भारतीय मूल की आशा खेमका को चुना गया है. वे वेस्ट नॉटिंघमशायर कॉलेज की प्रिंसिपल हैं जो यूरोप के सबसे बड़े कॉलेजों में से एक है. ब्रिटेन में एशियाई मूल की केवल दो महिलाएँ प्रिंसिपल के पद पर हैं और आशा खेमके उनमें से एक है. लाइफ़टाइम अचीवमेंट अवार्ड पाकिस्तानी मूल के हाफीज़ मोहम्मद यकूब को दिया गया है. वे ब्रिटेन में हलाल खाद्य उद्योग के अग्रणी माने जाते हैं. वे करीब पचास साल पहले पाकिस्तान से आकर ब्रिटेन में बसे थे. उद्यमशीलता के क्षेत्र में वसीम सादिक़ को सम्मान के लिए चुना गया. वे एवरप्लस ग्रुप के अध्यक्ष हैं. उन्होंने 1996 में मोबाइल फ़ोन रिटेलर मोबाइल क्नेकशन की शुरुआत की और उसके बाद सफलता की सीढ़ियाँ चढ़ते गए. रिटेल खाद्य सामग्री के क्षेत्र में अहम योगदान के लिए शेमील हुसैन को सम्मान दिया गया है. उन्हें ब्रिटेन में एमबीई से भी नवाज़ा जा चुका है. ब्रिटेन के बांग्लादेशी समुदाय के बीच भी उनका काफ़ी सम्मान है. शेमील हुसैन यूरो फ़ूड्स ग्रुप के प्रमुख हैं. उनकी बांग्लादेश और ब्रिटेन दोनों में फैक्ट्रियाँ हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें 'निजी क्षेत्र में आरक्षण क़ानून से न हो'14 जुलाई, 2007 | कारोबार बांग्लादेश में मित्तल का पूंजी निवेश11 जून, 2007 | कारोबार बुलंदी पर बंद हुए एशियाई शेयर बाज़ार 29 दिसंबर, 2006 | कारोबार वतन लौट रहे हैं ब्रिटेन में बसे भारतीय14 दिसंबर, 2006 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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